पाटन में 3.5 एकड़ में बोए प्रमाणित बीज से फसल खराब होने का आरोप, कृषि विभाग से जांच और कार्रवाई की मांगपाटन। प्रमाणित धान बीज की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए
पाटन। पाटन क्षेत्र के दो किसानों ने फसल नुकसान के एवज में मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों का आरोप है कि रियल रोजी कंपनी के बीज से बोई गई धान की फसल में बालियां नहीं आईं, जिससे उन्हें लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। मामले को लेकर किसान राकेश वर्मा और मान सिंह वर्मा ने वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, पाटन को लिखित आवेदन सौंपकर जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।
किसानों के आवेदन के अनुसार, उन्होंने 5 जून 2025 को पाटन स्थित लक्ष्मी कृषि केंद्र एवं बीज भंडार से रियल रोजी कंपनी का प्रमाणित धान बीज खरीदा था। बीज का लॉट नंबर 0202502SSS10 R-12 बताया गया है। किसानों ने इस बीज से लगभग 3.5 एकड़ कृषि भूमि में धान की बोआई की थी। वहीं, अतिरिक्त 3.5 एकड़ खेत में दूसरे बीज का उपयोग किया गया था।
खेत में नहीं आईं बालियां, फसल खराब होने का आरोप
किसानों का कहना है कि रियल रोजी कंपनी के बीज से तैयार हुई फसल में बालियां नहीं आईं और पूरी फसल खराब हो गई। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। किसानों के मुताबिक, उन्होंने इस समस्या की जानकारी संबंधित फर्म, लक्ष्मी कृषि केंद्र एवं बीज भंडार पाटन और रियल रोजी कंपनी को दी थी।
तीन बार खेत का निरीक्षण करने का दावा
आवेदन में किसानों ने दावा किया है कि कंपनी के प्रतिनिधियों ने तीन बार खेत का निरीक्षण किया था। किसानों के अनुसार, प्रतिनिधियों ने बीज में खराबी होने की बात स्वीकार की थी। इसके बावजूद अब तक नुकसान की भरपाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। किसानों का कहना है कि फसल खराब होने से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है।
जांच कर मुआवजा दिलाने की मांग
किसानों ने कृषि विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित बीज की गुणवत्ता की पुष्टि करने और फसल नुकसान का आकलन कराने की मांग की है। साथ ही, नियमानुसार जिम्मेदार पक्ष के विरुद्ध कार्रवाई कर उन्हें उचित मुआवजा दिलाने की मांग भी की गई है।
फिलहाल, मामले में कृषि विभाग की जांच और आगे की कार्रवाई पर किसानों की नजरें टिकी हैं। बीज कंपनी का पक्ष तथा विभागीय जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही बीज की गुणवत्ता और नुकसान के कारणों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।








