@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, मोहला। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में मानसून का कहर बनकर टूटा है। दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने पूरे वनांचल क्षेत्र को पानी-पानी कर दिया है, जिससे जन-जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। जीवनदायिनी शिवनाथ नदी अपने रौद्र रूप में है और मोंगरा बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद जिले के कई इलाकों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
शिवनाथ का रौद्र रूप, मोंगरा बैराज के 8 गेट खोले गए
लगातार हो रही बारिश से मोंगरा बैराज का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बैराज के 10 में से 8 गेट खोल दिए हैं, जिससे 52,000 क्यूसेक पानी की विशाल मात्रा शिवनाथ नदी में छोड़ी गई है। इसके कारण अंबागढ़ चौकी नगर के तीन वार्डों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
इन वार्डों पर खतरा: वार्ड नंबर 12, 13, और 14 में तीन से चार फीट तक पानी भर गया है।
प्रशासन का एक्शन: नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल मानिकपुरी ने बताया कि तीनों वार्डों में हाई अलर्ट जारी कर मुनादी कराई गई है और प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों जैसे मंगल भवन और टाउन हॉल में पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
थमा जीवन, टापू बने दर्जनों गांव, हाईवे पर लगा ब्रेक
बारिश और बाढ़ ने जिले का संपर्क बाहरी दुनिया से लगभग काट दिया है।
राजनांदगांव-चंद्रपुर हाईवे पर कौडीकसा और बांधा बाजार के पास पानी का तेज बहाव होने से यातायात दिन भर ठप रहा। जबरन सड़क पार करने की कोशिश में दर्जनों छोटी गाड़ियां और मोटरसाइकिलें खराब होकर सड़क किनारे खड़ी हो गईं।
पुलिया बही, कैंप बना टापू : गट्टेगहन-संबलपुर पुलिया के ढह जाने से वहां तैनात ITBP और पुलिस के जवानों का कैंप पूरी तरह से टापू में तब्दील हो गया है।
जान जोखिम में डालकर स्कूल जा रहे बच्चे: हिड़कोटोला और मिस्प्री के बीच बन रही पुलिया का पहुंच मार्ग बह जाने से स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ रहा है।
स्कूलों पर ताले, प्रशासन अलर्ट मोड पर
जिले में बाढ़ के हालात को देखते हुए कई स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। पहुंच मार्ग पर पड़ने वाले नाले और पुलिया उफान पर होने के कारण शिक्षक और छात्र-छात्राएं स्कूल तक नहीं पहुंच सके। पूरा प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर है और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
यह मूसलाधार बारिश वनांचल के लिए एक बड़ी आपदा बनकर आई है, जिसने हजारों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
