गोस्वामी तुलसीदास जयंती पर आध्यात्मिक चिंतन संगोष्ठी — साहित्य, सेवा और संस्कार का अद्भुत संगम
ग्राम कठौली में अनुराग साहित्य एवं कला संस्था, राजमानस संघ धमतरी की संघीय इकाई मानस शक्ति केंद्र गोजी का संयुक्त भव्य आयोजन
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, धमतरी/कुरुद। कहते हैं—जब साहित्य की साधना, सेवा का संकल्प और संस्कृति का सम्मान एक साथ हो, तब आयोजन केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है। इसी भावभूमि पर गत दिनों ग्राम कठौली के बाजार चौक में अनुराग साहित्य एवं कला संस्था ग्राम कठौली के मुख्य संयोजन एवं राजमानस संघ धमतरी की संघीय इकाई मानस शक्ति केंद्र, गोजी के तत्वावधान में गोस्वामी तुलसीदास जयंती एवं भव्य आध्यात्मिक चिंतन संगोष्ठी का गरिमामय आयोजन हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मानस शक्ति केंद्र गोजी के अध्यक्ष नारायण लाल देवांगन ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में दुधाधारी मठ, रायपुर के राजेश्री महंत डॉ. रामसुंदरदास जी महाराज पधारे। विशिष्ट अतिथियों में राजमानस संघ धमतरी के अध्यक्ष अर्जुनपुरी गोस्वामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष गौकरण सिंह साहू, श्रीराजीवलोचन मंदिर राजिम के प्रबंधक पुरुषोत्तम मिश्रा, संत निर्मलदास वैष्णव, एस.डी. साहू, पुराणिक राम साहू तथा प्रेमलाल साहू सचिव, मानस शक्ति केंद्र गोजी सम्मिलित रहे।
साहित्य और सेवा की संगति
मुख्य वक्ता राजेश्री महंत डॉ. रामसुंदरदास ने कहा—
“गोस्वामी तुलसीदास जी के साहित्य की प्रासंगिकता अनंत काल तक बनी रहेगी। उनकी वाणी केवल भक्ति नहीं, बल्कि जीवन के लिए दिशा है।”
उन्होंने आयोजन के साथ रक्तदान शिविर की पहल को परोपकार की सच्ची साधना बताया और कहा कि “जीवन में परोपकार से बड़ा कोई धर्म नहीं, और यह आयोजन उसी का साक्षात उदाहरण है।”
गांव की गौरवगाथा
स्वागत भाषण में गौकरण सिंह साहू ने ग्राम कठौली की साहित्यिक, सांस्कृतिक और धार्मिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि ग्रामवासियों की सहभागिता से गांव ने स्वच्छता और विकास में राज्यपाल व राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त किया है।
धमतरी की रामायण परंपरा
राजमानस संघ धमतरी के अध्यक्ष अर्जुनपुरी गोस्वामी ने बताया कि “राजमानस संघ आज पूरे प्रदेश में 35 स्थानों पर एक साथ तुलसी जयंती मना रहा है।” उन्होंने धमतरी की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि “यह प्राचीन दंडकारण्य की भूमि है, जिसे वनवास काल में भगवान श्रीराम के चरणों का स्पर्श प्राप्त हुआ।”
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- आध्यात्मिक स्वर लहरियों का संगीतमय प्रवाह
- संगोष्ठी में अंचल की ख्यातिनाम मानस मंडलियों ने प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। इनमें प्रमुख रूप से—
- मधुमारुति मानस परिवार, गोजी
- सरस्वती महिला मानस परिवार, कठौली
- तुलसी के सिंगार मानस परिवार, चारभाठा नारी
- सीताराम बालिका मानस मंडली, भोथली
- रघुवर मानस परिवार, चर्रा (कुरुद)
- समर्पण मानस परिवार, बकली
- अर्चना महिला मानस मंडली, करेली बड़ी
विशेष आकर्षण रक्तदान शिविर रहा, जिसमें समिति सदस्यों सहित 18 युवाओं ने रक्तदान किया। इस आयोजन के लिए सहज ब्लड बैंक राजिम ने आयोजक समूह का आभार मानते हुए सम्मानित किया ।
सामूहिक प्रयास से सफल आयोजन
कार्यक्रम की सफलता में प्रशांत कुमार सोनवानी, सतीश शर्मा, रेखा निषाद, राजकुमार निषाद, जागृति साहू, रामकुमार साहू, सगुण दास मानिकपुरी, डॉ. खिलावन साहू, अर्जुन मानिकपुरी, याददास मानिकपुरी, रूपराम साहू, किसून पटेल, राहुलदेव साहू, खेमू पटेल, जितेंद्र साहू, वीरेंद्र नगारची, उचंद निषाद, राधेश्याम नगारची, टिकेश्वर विश्वकर्मा, जुगल निषाद, भोला पटेल, रवि निषाद, कुलेश्वर पटेल, केशरीलाल पटेल, उदय साहू, गणेश यादव, नरेश यादव, परमेश्वर निषाद, यशोदा साहू, खेमिन साहू, सुमन साहू, सेवती यादव, नंदनी निषाद, उमा साहू, हिरौंदी साहू, नागेश्वरी निषाद, रूखमणी साहू, टिलेश्वरी साहू, दिनेश्वरी, प्रमिला, कविता, किरण सहित सदस्यगणों का योगदान रहा।
रामायणी एवं मानस मर्मज्ञ कृष्णकुमार पांडेय, रामचंद्र विश्वकर्मा और गोजी शक्ति केंद्र के वरिष्ठ सदस्यों में टोमनलाल, पोखराज साहू, भानु राम साहू, लीलाराम साहू, रेलहराम साहू, मन्नूलाल साहू, केवलराम साहू एवं क्षेत्र के रामायणियों की उपस्थिति रही।
अतिथियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में समस्त अतिथियों एवं प्रायोजकों को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
तदुपरांत,आभार व्यक्त प्रशांत कुमार सोनवानी ने किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन सतीश शर्मा ने किया।
यह आयोजन न केवल तुलसीदास जी की जयंती का स्मरण था, बल्कि भक्ति, सेवा और साहित्य का अद्भुत संगम बनकर ग्राम कठौली की सांस्कृतिक स्मृति में सदा के लिए दर्ज हो गया।
