@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, कुरूद। धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड अंतर्गत ग्राम सिवनी कला में सड़क निर्माण कार्य के दौरान हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। सड़क निर्माण में लगी ग्रेडर मशीन की चपेट में आने से 52 वर्षीय देवकी बाई साहू की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और आक्रोशित लोगों ने संबंधित ग्रेडर वाहन में आग लगा दी। वहीं बड़ी संख्या में ग्रामीण कुरूद थाने पहुंच गए, जहां देर तक हंगामे और विरोध प्रदर्शन की स्थिति बनी रही। पूरे गांव में तनावपूर्ण माहौल के बीच अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
सड़क निर्माण बना काल, घर के पास खड़ी महिला को रौंद गई मशीन
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम सिवनी कला में शिरोमणि माथुर कंस्ट्रक्शन द्वारा सड़क निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। इसी दौरान ग्रेडर मशीन को पीछे किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि देवकी बाई साहू अपने घर के समीप मौजूद थीं, तभी वे मशीन की चपेट में आ गईं। हादसा इतना भीषण था कि महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि मशीन चालक द्वारा पर्याप्त सावधानी नहीं बरती गई और निर्माण एजेंसी की ओर से सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटनास्थल पर न तो कोई चेतावनी संकेत लगे थे और न ही मशीन संचालन के दौरान किसी गाइड या सिग्नलमैन की व्यवस्था थी।
मौत के बाद भड़का गुस्सा, ग्रेडर वाहन को लगाई आग
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए ग्रेडर वाहन में आग लगा दी। देखते ही देखते मौके पर तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में लगातार लापरवाही बरती जा रही थी, जिसके कारण एक निर्दोष महिला की जान चली गई।
पुलिस कार्रवाई पर भी उठे सवाल, थाने पहुंचकर किया प्रदर्शन
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने ठेकेदार के दबाव में गांव के कुछ लोगों को थाने में बैठा लिया, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण कुरूद थाने पहुंच गए और वहां जमकर विरोध प्रदर्शन किया। थाने के बाहर हंगामे जैसी स्थिति निर्मित हो गई और लोगों ने दोषी ठेकेदार तथा मशीन चालक के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक जिम्मेदारों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी और मृतक परिवार को उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
अस्पताल में गूंजती रही परिजनों की चीखें
हादसे के बाद ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल महिला को तत्काल निजी वाहन से सिविल अस्पताल कुरूद पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार और मातम से माहौल गमगीन हो गया।
कुरूद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल
इस घटना के बाद सड़क निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आबादी वाले क्षेत्रों में बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के भारी मशीनों का संचालन किया जा रहा है, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।
बड़ा सवाल
क्या सिवनी कला में हुए इस दर्दनाक हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी, या फिर अन्य मामलों की तरह यह मामला भी समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा? और आखिर आबादी वाले क्षेत्रों में बिना सुरक्षा मानकों के भारी मशीनों का संचालन करने की अनुमति किसकी जिम्मेदारी पर दी जा रही है?








