संवाददाता तुकाराम कंसारी
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, राजिम। राजिम के पथर्रा स्थित श्री जगन्नाथ मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल पर आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने का झांसा देकर मरीजों से मोटी रकम वसूलने के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन पहले मरीजों को आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज का भरोसा देकर भर्ती करता है, लेकिन बाद में हजारों रुपये का बिल थमाकर दबाव बनाता है।
ऐसा ही मामला भिलाई निवासी 60 वर्षीय बिरझा बाई नवरंगे के साथ हुआ, जो तर्रा आई थीं और वापसी में एक दुर्घटना में घायल हो गईं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें स्कैन के लिए लाइफ केयर हॉस्पिटल और फिर जगन्नाथ हॉस्पिटल भेजा गया, जहां उनसे आयुष्मान कार्ड पर इलाज की बात कही गई, लेकिन बाद में ₹25,000 की मांग की गई। हालांकि मीडिया की मौजूदगी के बाद पैसे नहीं लिए गए।
इस मामले पर जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. यू.एस. नवरत्न ने स्पष्ट किया है कि जगन्नाथ हॉस्पिटल को आयुष्मान योजना की मान्यता नहीं है, ऐसे में इस तरह से मरीजों को भर्ती करना गंभीर अनियमितता है।
मरीज के परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि स्टाफ की लापरवाही से बेड बदलते समय बिरझा बाई गिर गईं, जिससे उनकी हालत और बिगड़ गई तथा चेहरे पर गंभीर चोटें आईं।
मौके पर पहुंचे पत्रकारों से बातचीत में डॉ. आयुष शर्मा और डॉ. श्वेता पांडे ने भी माना कि अस्पताल में आयुष्मान योजना लागू नहीं है, फिर भी अस्पताल में कई ऐसे मरीज मिले जिन्हें योजना के नाम पर भर्ती किया गया था।स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
यह मामला न केवल आर्थिक शोषण का प्रतीक है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है। बार-बार इस अस्पताल में फर्जी तरीके से मरीजों को भर्ती कर पैसा वसूलने की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भोली-भाली जनता को गुमराह कर आर्थिक लाभ उठाया जा रहा है।
