@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें ठगों ने एक 79 वर्षीय बुजुर्ग महिला को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर उनकी जिंदगी भर की कमाई लूट ली। खुद को CBI अधिकारी बताकर ठगों ने महिला को दो दिनों तक घर में ही एक तरह से कैद रखा और डरा-धमका कर उनके खाते से 22 लाख रुपये उड़ा लिए।

कैसे बिछाया ‘डिजिटल अरेस्ट’ का यह खतरनाक जाल?

यह खौफनाक सिलसिला 1 जुलाई को शुरू हुआ, जब दुर्ग के न्यू आदर्श नगर में रहने वाली 79 वर्षीय सुभाषिनी जैम्स को एक अनजान नंबर से वॉट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई पुलिस स्टेशन का CBI अधिकारी बताया और एक ऐसी बात कही जिससे बुजुर्ग महिला के पैरों तले जमीन खिसक गई। ठग ने कहा, “आपके आधार कार्ड से जुड़े बैंक खाते में 6 करोड़ 80 लाख रुपये की हवाला रकम जमा हुई है। आपको जांच के लिए तुरंत मुंबई आना होगा, वरना आपकी गिरफ्तारी होगी।

वर्दी में वीडियो कॉल और टूट गया भरोसा

जब घबराई हुई बुजुर्ग महिला ने अपनी उम्र और मुंबई आने में असमर्थता जताई, तो ठगों ने उन्हें भरोसे में लेने के लिए अपनी अगली चाल चली। उन्होंने वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति को पुलिस की वर्दी में दिखाया और यकीन दिलाया कि वे उनकी मदद करेंगे। इस झांसे में आकर महिला ने अपनी निजी जानकारी साझा कर दी, जिसमें पोस्ट ऑफिस में जमा उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) भी शामिल थी।

बस फिर क्या था, ठगों ने उन्हें डराया कि अगर उन्होंने यह रकम ट्रांसफर नहीं की, तो उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसा दिया जाएगा। गिरफ्तारी के डर से कांप रही सुभाषिनी जैम्स ने उसी दिन पोस्ट ऑफिस जाकर अपनी 22 लाख रुपये की FD तुड़वा ली और ठगों द्वारा बताए गए इंडसइंड बैंक के खाते में RTGS के जरिए दो किस्तों में पूरी रकम ट्रांसफर कर दी।

जब लालच बढ़ा, तब खुला ठगी का राज

22 लाख रुपये लूटने के बाद भी ठगों का लालच कम नहीं हुआ। अगले दिन उन्होंने फिर से कॉल किया और और पैसों की मांग की। इस बार बुजुर्ग महिला को कुछ शक हुआ और उन्होंने ठगों से कहा कि वह पहले अपने भांजे प्रतुल दास से बात करेंगी। जैसे ही उन्होंने अपने भांजे को पूरी कहानी बताई, इस ‘डिजिटल अरेस्ट’ के फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हो गया।

पुलिस ने दर्ज की FIR, साइबर ठगों की तलाश जारी

मामले का खुलासा होते ही पीड़िता अपने भांजे के साथ पद्मनाभपुर थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने कहा है कि साइबर अपराधी भोले-भाले नागरिकों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों को फंसाने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी अनजान कॉल या संदेश पर भरोसा न करें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।

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