साहित्य सृजन काव्य रत्न सम्मान 2025 से अलंकृत हुईं कवयित्री सुषमा प्रेम पटेल
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, रायपुर। साहित्य साधना की अनवरत यात्रा और रचनाशीलता की निरंतर धारा ने कवयित्री सुषमा प्रेम पटेल को साहित्यिक जगत में विशिष्ट पहचान दिलाई है। इसी सृजनशील योगदान के लिए उन्हें “साहित्य सृजन काव्य रत्न सम्मान 2025” से अलंकृत किया गया। यह सम्मान साहित्य सृजन संस्थान के चतुर्थ स्थापना दिवस वार्षिकोत्सव के गरिमामय अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
सुषमा प्रेम पटेल ने प्रतिदिन घनाक्षरी छंद की प्रस्तुति कर साहित्यिक क्षितिज पर अद्वितीय छाप छोड़ी है। उनकी यह साधना न केवल एक रचनाकार के समर्पण को दर्शाती है, बल्कि साहित्य को समृद्ध करने का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत करती है।
सम्मान ग्रहण करते हुए उन्होंने माँ शारदे को नमन किया और भावुक स्वर में कहा—
“यह सम्मान मेरे लिए केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि सृजन-पथ पर निरंतर प्रेरणा है। मैंने हर दिन को रचनात्मक साधना का अवसर मानकर 365 दिन निःस्वार्थ भाव से साहित्य को समर्पित किया है। यह यात्रा माँ शारदे की कृपा और साहित्य सृजन परिवार के स्नेह से ही संभव हो पाई।”
कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों, विशिष्ट अतिथियों और संस्थान के पदाधिकारियों ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उनके लेखन को “साहित्य की अनमोल धरोहर” बताया।
