संवाददाता तुकाराम कंसारी
दवा और सर्जरी के भय के बीच नवापारा में उभरी प्राकृतिक चिकित्सा की नई उम्मीद
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, नवापारा–राजिम। बढ़ती दवाइयों की निर्भरता और सर्जरी के भय से जूझते समाज के लिए गोबरा नवापारा में आयोजित अर्धनारीश्वर दवा रहित चिकित्सा शिविर आशा की किरण बनकर सामने आया। सालासर सुन्दरकाण्ड हनुमान चालीसा जनकल्याण समिति द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय शिविर में सैकड़ों लोगों ने बिना दवा उपचार का लाभ उठाया।
पहले दिन 117, दो दिनों में 300 से अधिक मरीजों को लाभ
छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित इस अर्धनारीश्वर मेडिकल वेलनेस न्यूरोपैथी शिविर में पहले ही दिन 117 मरीजों ने उपचार कराया। दो दिनों में कुल 300 से अधिक मरीजों ने सिरदर्द, माइग्रेन, कमर दर्द, सर्वाइकल, घुटना दर्द, तनाव, अनिद्रा और पुरानी शारीरिक समस्याओं में उल्लेखनीय राहत महसूस की। दुसरे दिन अकेले 150 रोगियों को थेरेपी दी गई।
अर्धनारीश्वर चिकित्सा: रोग की जड़ पर कार्य
दिल्ली से आए राष्ट्रपति कार्यालय के पूर्व सलाहकार एवं आरोग्य पीठ के संस्थापक आचार्य डॉ. रामगोपाल दीक्षित ने बताया कि अर्धनारीश्वर चिकित्सा शरीर की नसों, मांसपेशियों और मस्तिष्क के बीच संतुलन स्थापित कर रोग की जड़ पर काम करती है। उन्होंने कहा कि यह चिकित्सा पद्धति बिना दवा और बिना सर्जरी माइग्रेन, शुगर, कमर दर्द, कंधा दर्द और घुटनों की समस्या में प्रभावी परिणाम देती है।
प्रशिक्षण शिविर में 52 प्रशिक्षुओं ने सीखी चिकित्सा पद्धति
शिविर के साथ-साथ आयोजित प्रशिक्षण सत्र में देशभर से आए 52 प्रशिक्षुओं ने अर्धनारीश्वर चिकित्सा एवं वेलनेस न्यूरोपैथी का व्यावहारिक प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
अनुभवी हेल्थ बैक थेरेपिस्टों ने लाइव डेमो के माध्यम से उपचार प्रक्रिया को सरल तरीके से समझाया।
समिति की पहल बनी प्रेरणा
समिति के संस्थापक राजू काबरा ने बताया कि स्वयं उनके घुटनों में इस चिकित्सा से लगभग 50 प्रतिशत सुधार हुआ, जिससे प्रेरित होकर उन्होंने इस शिविर के आयोजन का निर्णय लिया। डॉ. प्रमोद गंजीर (करगा) के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर को जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
जनप्रतिनिधियों ने की सराहना
शिविर के मुख्य अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष ओमकुमारी संजय साहू, मनमोहन अग्रवाल, तथा द्वितीय दिवस के मुख्य अतिथि डॉ. रामगोपाल दीक्षित, डॉ. राजेंद्र गदिया, डॉ. रमाकांत शर्मा एवं विशिष्ट अतिथि राजू काबरा, संतोष अग्रवाल, तारणी शर्मा ने दीप प्रज्वलन कर शिविर का शुभारंभ किया। अतिथियों का तिलक-वंदन एवं शाल-श्रीफल से सम्मान किया गया।
जनहित में आगे भी होंगे ऐसे शिविर
शिविर में उपचार करा रहे मरीजों ने बताया कि मात्र दो दिनों में उन्हें उल्लेखनीय राहत मिली है। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में आवश्यकता महसूस की गई तो पुनः इस प्रकार के शिविर आयोजित किए जाएंगे। समिति ने सफल आयोजन के लिए सभी चिकित्सकों, प्रशिक्षकों, स्वयंसेवकों एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
