संवाददाता तुकाराम कंसारी
दिगंबर जैन समाज नवापारा में सौ वर्ष पूर्ण होने पर भव्य यांग मंडल विधान, कलश–ध्वज चढ़ाना और मनुहार पत्रिका का विमोचन
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, नवापारा राजिम। दिगंबर जैन समाज नवापारा के श्रद्धा–आस्था के केंद्र 1008 श्री शांतिनाथ जिनालय की पावन स्थापना के 100 वर्ष 27 नवंबर 2025 को पूर्ण हो रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित शताब्दी वर्ष महोत्सव का आगाज़ सोमवार से बड़े ही हर्षोल्लास और आध्यात्मिक उल्लास के साथ हुआ।
अभिनंदन हॉल में भव्य यांग मंडल विधान संपन्न
पंडित ऋषभ चंद शास्त्री के सान्निध्य में अभिनंदन हॉल में आयोजित यांग मंडल विधान में समुदाय के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भक्ति–भाव से भाग लिया। विधान पूर्णतः शांतिपूर्वक और वैदिक रीति से सम्पन्न हुआ।
विधान में—
- सौधर्म इंद्र: आशीष–सुप्रिया चौधरी
- कुबेर इंद्र: अनिल–नंदिता जैन
- यज्ञ नायक: रमेश सुरेखा पहाड़िया परिवार को यह सौभाग्य प्राप्त हुआ।
पंचकल्याणक मनुहार पत्रिका का विमोचन
जनवरी में होने वाले भव्य पंचकल्याणक महोत्सव की मनुहार पत्रिका का विमोचन भी आज विशेष रूप से किया गया, जिससे शताब्दी उत्सव का उत्साह और बढ़ गया।
विधिवत पूजा –अर्चना के बाद जिनालय के शिखर पर कलश एवं ध्वज चढ़ाने का पुण्य अवसर
- कलश चढ़ाने का सौभाग्य: जिनेन्द्र–सुजय–अद्विक जैन
- ध्वज चढ़ाने का सौभाग्य: अम्बर–सिद्धम सिंघाई परिवार को प्राप्त हुआ। शिखरारोहण का दृश्य श्रद्धा और उल्लास से ओतप्रोत रहा।
सौ वर्ष का गौरव—श्रद्धा, संस्कृति और आत्मोद्धार का पर्व
सदियों के पुण्य उदय से दिगंबर जैन समाज द्वारा संपन्न यह शताब्दी आयोजन समुदाय के आध्यात्मिक उत्थान का अनुपम अवसर बन रहा है। पूरे जिनालय को फूलों से सजाया गया है, जिसकी दिव्य शोभा मन मोह लेती है। पंचायत समिति और महिला मंडलों की सक्रिय भूमिका रही तथा शताब्दी आयोजन की सफलता में समाज की समितियों का विशेष योगदान रहा।
उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी:
संरक्षक: रमेश पहाड़िया, अध्यक्ष: अखिलेश जैन, उपाध्यक्ष: अनिल जैन (डब्बू), सचिव: आशीष जैन (गोलू), सहसचिव: आकाश गंगवाल, कोषाध्यक्ष: आशीष जैन (रिंकु), सांस्कृतिक सचिव: रवि जैन, पंचकल्याणक समिति के अध्यक्ष मनोज जैन सहित राकेश चौधरी, अभय चौधरी, सुरीत जैन, सतीश जैन, विनय सिंघाई, संजय पाटनी ने आयोजन में सक्रिय योगदान दिया।
महिला शक्तियों की रही सराहनीय उपस्थिति
कामिनी चौधरी, निवेदिता पहाड़िया, अंजलि पहाड़िया, मोनिका गंगवाल, नंदिता जैन तथा त्रिशला महिला मंडल और ज्ञान ज्योति बहू मंडल की अनेक महिलाएँ भी कार्यक्रम की प्रमुख सहयोगी रहीं।
संगीतमय भक्ति—नेहा जैन और अभिलाषा जैन का योगदान
विधान के दौरान संगीतकार के रूप में नेहा जैन और अभिलाषा जैन की मधुर प्रस्तुति ने समारोह की आध्यात्मिकता को और गहन बना दिया।
