@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, रायपुर।

384 प्लॉट जब्त – शराब घोटाले में ‘टॉप बेनेफिशियरी’ बताया गया

छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल मचा देने वाली कार्रवाई में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की कुल 61.20 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क कर दी है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले की चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई है।

 

ईडी की प्रेस रिलीज़ के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों में–

  • 384 प्लॉट जिनकी कीमत 59.96 करोड़ रुपये,
  • 1.24 करोड़ रुपये का बैंक बैलेंस और एफडी शामिल है।
  • यह अब तक की सबसे बड़ी जब्ती में से एक मानी जा रही है।

शराब घोटाले में ‘टॉप लेवल’ पर होने का दावा

ईडी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के इस बड़े शराब घोटाले में आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत ACB/EOU रायपुर द्वारा दर्ज FIR के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि—

  • राज्य के कोष को भारी नुकसान पहुंचाया गया
  • घोटाले से 2500 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की गई
  • इस अवैध धन से कई राजनीतिक और आर्थिक हित साधे गए

ईडी की जांच में यह भी दावा किया गया है कि भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल “शराब सिंडिकेट के शीर्ष पर तैनात थे” और कथित रूप से बड़े पैमाने पर लाभान्वित हुए। 

10 नवंबर 2025 को की गई बड़ी कार्रवाई

रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने 10/11/2025 को पीएमएलए, 2002 के तहत कार्रवाई करते हुए चैतन्य बघेल की अचल और चल संपत्तियों को कुर्क कर लिया।
कुर्क की गई अचल संपत्तियों में विशाल स्केल पर आवासीय और कृषि भूमि शामिल है।

 राजनीतिक हलचल तेज

इस कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीतिक फिज़ा गरमा गई है। पूर्व सीएम बघेल के ऊपर पहले से ही विपक्ष हमलावर था, अब बेटे की इतनी बड़ी संपत्ति की कुर्की ने विवाद को और गहरा कर दिया है।
इधर ईडी यह भी संकेत दे चुकी है कि मनी लॉन्ड्रिंग के इस केस में आने वाले दिनों में और बड़ी कार्रवाई संभव है।

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