@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, रायपुर/अभनपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी को लेकर कांग्रेस ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली सांसद राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे के साथ अभनपुर में कांग्रेस का 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर शुरू हो गया है। इस शिविर में प्रदेशभर के नवनियुक्त जिला अध्यक्षों और संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों को पार्टी की विचारधारा, रणनीति और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कांग्रेस आलाकमान की नजरें एक बार फिर छत्तीसगढ़ पर टिक गई हैं। विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी अब जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने की कवायद में जुट गई है। इसी कड़ी में राहुल गांधी स्वयं जिला अध्यक्षों को संबोधित कर उन्हें पार्टी की रीति-नीति और भाजपा सरकार के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा करने के गुर सिखाएंगे।
10 दिन तक चलेगा रणनीति और संगठन का महामंथन
31 जून तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ नव नियुक्त जिला अध्यक्ष और विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी हिस्सा लेंगे। कांग्रेस का उद्देश्य बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय कर 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को धार देना है।
राहुल गांधी के दौरे से पहले कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट भी रायपुर पहुंचकर तैयारियों का जायजा ले चुके हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस नेतृत्व छत्तीसगढ़ में संगठन को नए सिरे से खड़ा करने के लिए गंभीर है।
2028 की जंग का बिगुल, कांग्रेस ने अभी से शुरू की तैयारी
प्रशिक्षण शिविर में पहुंचे कांग्रेस नेताओं का दावा है कि 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी ने अभी से कमर कस ली है। युवा नेताओं का कहना है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में जनता की अपेक्षाएं पूरी नहीं हुई हैं और कांग्रेस जनता के मुद्दों को लेकर फिर से मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
वहीं, राहुल गांधी के दौरे को लेकर सियासी माहौल भी गर्म हो गया है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तंज कसते हुए इसे महज राजनीतिक कवायद बताया है, जबकि कांग्रेस इसे संगठन के पुनर्गठन और सत्ता में वापसी की दिशा में निर्णायक कदम मान रही है।
अभनपुर में शुरू हुआ यह 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर अब केवल संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि 2028 के चुनावी संग्राम की शुरुआती रणभेरी के रूप में देखा जा रहा है।








