@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, धमतरी/कुरूद। करीब दस दिनों तक पूरे जिले में सनसनी फैलाने वाले नारी महानदी पुल हत्याकांड का धमतरी पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस की वैज्ञानिक जांच, तकनीकी साक्ष्यों और सैकड़ों CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद 27 वर्षीय नीरज साहू की हत्या के मामले में 21 वर्षीय बिरेंद्र कुमार साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई 2026 को नारी महानदी पुल पर मुख्य मार्ग में नीरज साहू (निवासी कुण्डेल) का शव खून से लथपथ हालत में मिला था। मृतक के गले और माथे पर गंभीर चोटों के निशान थे, जबकि उसकी बोलेरो पिकअप भी घटनास्थल पर खड़ी मिली थी। इस वारदात ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी थी।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण, गवाहों के बयान, वैज्ञानिक परीक्षण और तकनीकी विश्लेषण किया। हत्या की पुष्टि होने पर थाना कुरूद में धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विशेष जांच शुरू की गई।
एसपी भावना पांडेय के निर्देशन में चला हाईटेक ऑपरेशन
पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देश पर कुरूद थाना, मगरलोड थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पांडेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवचरण पटेल, डीएसपी भानूप्रताप चंद्राकर तथा एसडीओपी कुरूद रागिनी मिश्रा के मार्गदर्शन में पुलिस ने कई दिनों तक लगातार जांच की।
टीम ने घटनास्थल से लेकर संभावित मार्गों तक लगे सैकड़ों CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, मोबाइल तकनीकी डेटा, वैज्ञानिक साक्ष्य और संदिग्ध गतिविधियों का गहन विश्लेषण किया। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी बिरेंद्र कुमार साहू तक पहुंचने में सफल हुई।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आरोपी सांकरा, थाना मगरलोड, जिला धमतरी निवासी बिरेंद्र कुमार साहू (21 वर्ष) पिता कन्हैयालाल साहू ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि वह और नीरज साहू दोनों चावल का कारोबार करते थे। नीरज का व्यापार तेजी से बढ़ रहा था और उसकी आमदनी अधिक होने से आरोपी उसके प्रति ईर्ष्या और रंजिश पाल बैठा था।
इसी द्वेष के चलते आरोपी ने सुनसान नारी महानदी पुल पर नीरज को रोककर कैंची और पाना से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी निर्मम हत्या कर दी।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कैंची और पाना भी बरामद कर लिया है।
धमतरी पुलिस ने कहा है कि गंभीर और सनसनीखेज अपराधों में वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी और अपराधियों को कानून के शिकंजे तक पहुंचाया जाता रहेगा।








