- जनता का पैसा, भ्रष्टाचार की भेंट!
- नाली और सड़क निर्माण में खुली लूट – इंजीनियर, ठेकेदार और अधिकारियों की साठगांठ उजागर
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन धमतरी/कुरुद। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के कुरुद क्षेत्र अंतर्गत नारी–गाड़ाडीह सड़क और चारभाठा नाली निर्माण में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में भी PWD विभाग और ठेकेदारों द्वारा लगातार लापरवाही बरती जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण कार्य में लाल गिट्टी, मिट्टी युक्त मुरूम और घटिया रेबिस जैसी सस्ती और कमजोर सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। यहां तक निर्माण कार्य के ठेकेदार प्रतीक सुराना ने भी स्पष्ट रूप से बताने ने कोई परहेज नहीं करते हुए कहा कि विभागीय इंजीनियर गजेंद्र साहू, रूपेश वर्मा और एसडीओ शुक्ला जी के निर्देश पर किया जा रहा है। उन्होंने काम देखकर स्वयं कहा है – “सड़क निर्माण के बेस में बेस में सब चलता है..!”
जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के कथन का आशय खुद ही भ्रष्टाचार की पुष्टि करता है।
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मुख्य तथ्य:
✅ नाली निर्माण में सरिया और सीमेंट की मात्रा तय मापदंड से कम।
✅ सड़क निर्माण के बेस में घटिया सामग्री, जिससे टिकाऊपन संदिग्ध।
✅ जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर भी कोई असर नहीं – प्रशासन मौन।
✅ ग्रामीणों में आक्रोश – विभाग को दी शिकायतों के बाद भी मिली ‘धांधली की खुली छूट’।
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जनप्रतिनिधियों का बयान:
जनपद पंचायत सभापति शकुंतला रूपचंद देवांगन ने कहा:
> “नाली निर्माण की अनियमितता सर्वविदित है। मूल्यांकन के दौरान भी गुणवत्ता सुधार के निर्देश दिए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगर हमारी बात नहीं सुनी जा रही, तो आम जनता की कौन सुनेगा?”
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रघुनंदन साहू ने कहा:
> “यह मामला सिर्फ एक नाली या सड़क का नहीं, पूरे विभागीय सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार का है। करोड़ों के बजट में गुणवत्ताहीन कार्य किया जा रहा है। हम मांग करते हैं कि इस पर तत्काल उच्चस्तरीय जांच एजेंसी गठित की जाए।”
एसडीओ शुक्ला ने कहा– “ग्रामीणों की शिकायत मिली है। मैं शिकायत के आधार पर कार्यस्थल में निरीक्षण में के लिए गया था, नाली निर्माण और सड़क पर लापरवाही हुई है इनसे इनकार नहीं किया जा सकता लेकिन मैंने ठेकेदार सुराना को स्पष्ट ही कहा है कि जो शिकायत मिली है उसको तुरंत ही दुरुस्त करे प्राक्कलन के मापदंडों से काम नहीं होने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। लाल गिट्टी, मुरूम और घटिया रेबीज के लिए मैने नहीं कहा है।”
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अब बड़ा सवाल यह है:
❓ क्या विभाग और प्रशासन इस लापरवाही और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएगा?
❓ क्या जनता के टैक्स का पैसा यूं ही बहता रहेगा?
❓ क्या विकास के नाम पर भ्रष्टाचार की गाड़ी चलती रहेगी?
