संवाददाता तुकाराम कंसारी
सरस्वती शिशु मंदिर नवापारा की छात्राओं ने पुलिस, स्वास्थ्य केंद्र और नगर पालिका में बांधा रक्षा सूत्र
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, नवापारा राजिम। भारतीय संस्कृति की पावन परंपरा ‘रक्षा बंधन’ के अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर नवापारा की छात्राओं ने नगर के पुलिस जवानों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक एवं कर्मचारियों तथा नगर पालिका परिषद के अधिकारियों को अपने हाथों से तैयार किए गए 452 आकर्षक रक्षा सूत्र बांधकर भाईचारे, प्रेम और सद्भाव का संदेश दिया।
रक्षा सूत्र बांधते हुए छात्राओं ने सभी से देश और समाज की सुरक्षा का वचन लिया। नवापारा सीएमओ लवकेश कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजेन्द्र साहू, प्रधान आरक्षक गुलाब सिन्हा सहित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने छात्राओं के इस कार्य की सराहना की।
कन्या भारती प्रमुख सरोज कंसारी ने बताया कि विद्यालय में ‘राखी सजाओ’ और ‘थाल सजाओ’ प्रदर्शनी लगाई गई। यह कार्यक्रम प्रतिवर्ष नगर में आयोजित किया जाता है, जिससे वसुधैव कुटुंबकम की भावना का प्रसार होता है और भाईचारे व कर्तव्यबोध की प्रेरणा मिलती है।
इस अवसर पर उपनिरीक्षक विजय लाल साहू ने कहा, “स्कूल छात्राओं सहित हर बेटी की सुरक्षा के लिए पुलिस जवान सदैव सजग और तत्पर हैं। किसी भी परेशानी या असुरक्षा की स्थिति में तुरंत 112 पर सूचित करें। आपकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। मन लगाकर पढ़ाई करें और देश सेवा में आगे आएं। डरें नहीं, निर्भीक रहें।”
पुलिस टीम ने छात्राओं को थाना परिसर का भ्रमण करवाकर वहां की कार्यप्रणाली की जानकारी दी।
विद्यालय के प्राचार्य गौरी शंकर निर्मलकर ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल छात्राओं में सुरक्षा, सम्मान और देशप्रेम की भावना को प्रबल करती है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में वरिष्ठ शिक्षक नरेश यादव, कृष्ण कुमार वर्मा, वाल्मीकि धीवर, नेहा सोनकर, हुलेश्वरी साहू, ममता साहू, देवकी साहू, प्रतिभा यादव का विशेष योगदान रहा।
पुलिस जवान हेमंत यादव, रणजीत साहू, कोमल वर्मा, प्रेम कंवर, राधेश्याम सिंह, अंजली पाटले, सुग्रीव मिश्र, सुरेश मगर, नगर पालिका के संतोष साहू, दिनेश साहू, रमेश दिवान, तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम एम.एस. पाल, दीपक गुप्ता, महेंद्र साहू, भारत, रामावतार यदु, पीयूष राजपूत ने छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
यह आयोजन केवल राखी का त्योहार नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और समाज में सौहार्द्र का जीवंत संदेश बनकर सामने आया।
