@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, राजिम। शिक्षा जगत और साहित्य प्रेमियों के लिए गर्व का क्षण तब आया, जब छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के अध्यक्ष चंदूलाल साहू से शिक्षा विभाग के व्याख्याता एवं एनसीसी अधिकारी सागर शर्मा ने सौजन्य भेंट की और अपनी पहली काव्य कृति ‘ओ मेरी पाठशाला’ भेंट स्वरूप प्रदान की।
पुस्तक ग्रहण करते हुए श्री साहू ने इसे “शिक्षकों के साहित्यिक योगदान का प्रेरणादायी उदाहरण” बताते हुए कहा –
> “शिक्षक सिर्फ ज्ञान के प्रसारक नहीं, बल्कि समाज की रचनात्मक आत्मा होते हैं। साहित्य और कला में उनकी सक्रियता नई पीढ़ी को प्रेरणा देती है।”
गौरतलब है कि विद्यालय जीवन की जीवंत स्मृतियों पर आधारित इस काव्य संग्रह का विमोचन हाल ही में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के करकमलों से हुआ था। 61 कविताओं वाले इस संग्रह में चाक, ब्लैकबोर्ड, टाट-पट्टी, बच्चों की मासूम शरारतें, घंटी की टनटनाहट और शिक्षकों के स्नेहिल मार्गदर्शन जैसी बारीक संवेदनाओं को शब्दों में गूंथा गया है।
साहित्यिक दृष्टि से यह कृति न केवल शिक्षक-छात्र संबंधों की आत्मीयता को रेखांकित करती है, बल्कि एक ताज़ा और सार्थक प्रयोग भी प्रस्तुत करती है।
इस अवसर पर रेशम जीत सिंह हुंदल, जिला महामंत्री, अल्पसंख्यक मोर्चा ग्रामीण रायपुर; अभिषेक गोलछा, व्याख्याता; विजेता देवानी, शिक्षिका; पूरनलाल साहू, शिक्षक एवं मोहनलाल, सेवानिवृत्त शिक्षक भी उपस्थित थे।
