संवाददाता तुकाराम कंसारी 

@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, नवापारा राजिम। तेजी से बढ़ रही साइबर ठगी की घटनाओं के बीच नवापारा नगर में एक बड़ा मामला सामने आया है। ऑनलाइन निवेश का झांसा देकर ठगों ने लोक निर्माण विभाग, गरियाबंद में पदस्थ उपअभियंता कृष्ण कुमार जगने से 9 लाख 75 हजार रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए 318(4) बीएनएस सहित संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित अधिकारी से एक अज्ञात व्यक्ति ने संपर्क कर स्वयं को सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) से प्रमाणित निवेश सलाहकार बताया। प्रारंभ में मामूली राशि पर तत्काल लाभ दिखाकर उसका विश्वास जीता गया। बाद में अलग-अलग बैंक खातों एवं यूपीआई भुगतान माध्यमों के जरिए कुल 9.75 लाख रुपये निवेश के नाम पर जमा करा लिए गए।

विश्वासघात का संदेह होने पर अधिकारी ने सेबी की आधिकारिक वेबसाइट में उक्त सलाहकार की जानकारी खोजी, जहां किसी भी प्रकार का पंजीकरण नहीं मिला। ठगी की पुष्टि होते ही उपअभियंता ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।

थाना गोबरा नवापारा पुलिस तथा साइबर प्रकोष्ठ की संयुक्त टीम अब मामले की गहराई से जांच में जुटी है। जिन खातों में धनराशि ट्रांसफर की गई, उनकी तकनीकी जांच, संदिग्ध मोबाइल नंबरों की पड़ताल, भुगतान पहचान (यूपीआई) और डिजिटल लेन-देन की पूरी श्रृंखला खंगाली जा रही है। प्रारंभिक जांच में संभावना व्यक्त की गई है कि यह किसी संगठित साइबर गिरोह का कारनामा हो सकता है, जो निवेश के नाम पर लोगों को निशाना बना रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक लाभ का लालच साइबर ठगों का प्रमुख हथियार बन चुका है। लगातार जागरूकता अभियानों और चेतावनियों के बावजूद शिक्षित लोग भी इनके जाल में फंस रहे हैं, जो चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है।

पुलिस का कहना है कि बैंक एवं सेवा प्रदाता कंपनियों की रिपोर्ट मिलने पर मामले में महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। मामला वर्तमान में विवेचनाधीन है।

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