संवाददाता तुकाराम कंसारी
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, राजिम। नगर के प्रतिष्ठित गुड़ी चौक स्थित स्मृति गणेश उत्सव समिति, ब्राह्मणपारा द्वारा विगत 41 वर्षों से मंगलमूर्ति गणेश जी की प्रतिमा विराजमान की जा रही है। इस बार भी लगभग 10 फीट ऊँची भव्य प्रतिमा नवागांव के मूर्तिकार द्वारा तैयार की गई है।
प्रतिमा में भगवान गणेश के चार हाथों का दिव्य स्वरूप दर्शाया गया है—एक हाथ वरमुद्रा में, दूसरे में मोदक, जबकि शेष दो हाथों में शस्त्र धारण किए गए हैं। समिति सदस्यों ने बताया कि यह आयोजन नगर की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर बन चुका है।
समिति के राधेश्याम गुप्ता, अशोक शर्मा, आशीष गुप्ता, टेकचंद लालवानी, सुनील गुप्ता, जितेश सोनी, रितेश महोबिया, अशोक टेकवानी, कृष्णा बया, मुरारीलाल सोनी, संजय सोनी, नीरज शर्मा, विजय महोबिया, प्रशांत गुप्ता, योगेश शर्मा और सुभाष जैन ने बताया कि लगातार 40 वर्षों से गणेश प्रतिमा स्थापित कर पूजन-अर्चन हो रहा है और इस वर्ष आयोजन का 41वाँ साल है।
पूजा-अर्चना की विशेषता यह है कि प्रतिदिन सुबह और शाम आरती होती है। खासकर संध्या आरती में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ती है। इसके पश्चात त्रिवेणी संगम मानस परिवार द्वारा भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन आरती के बाद प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी समिति की ओर से की जाती है।
नगरवासियों का मानना है कि यह गणेशोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सामूहिक भक्ति और सामाजिक एकता का भी प्रतीक बन चुका है।
