संवाददाता तुकाराम कंसारी
गौरव सोनी का अधीनस्थ लेखा सेवा में चयन, राजिम में खुशी की लहर
11 साल की सतत तैयारी के बाद हासिल की सफलता
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, नवापारा राजिम। शहर के गंगाधर सोनी के सुपुत्र गौरव कुमार सोनी ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग परीक्षा (PSC) में अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी पद पर चयन पाकर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। उनके चयन से राजिम व आसपास के क्षेत्रों में उत्साह और खुशी का माहौल है।
छत्तीसगढ़ लोकदर्शन से विशेष बातचीत में गौरव ने कहा—
“पीएससी एक बार में हो जाए यह कोई जरूरी नहीं। लेकिन प्रयास कभी रुकना नहीं चाहिए। मैं 2013–14 से तैयारी कर रहा था और अब 2025 में सफलता मिली है।”
गौरव ने अब तक 5 बार पीएससी परीक्षा दी, जिनमें तीन बार साक्षात्कार तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता बहुत बढ़ चुकी है लेकिन इस बार सफलता को लेकर उन्हें पूरा विश्वास था।
गौरव ने सरस्वती शिशु मंदिर नवापारा से 12वीं में 91% अंक प्राप्त किए। इसके बाद फूलचंद कॉलेज से कंप्यूटर साइंस तथा पं. सुंदरलाल शर्मा विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में एमए किया।
वे बताते हैं कि राजिम के ही राकेश गोलछा (सहकारिता निरीक्षक–2013) उनके मार्गदर्शक रहे, जिनसे वे दसवीं में ट्यूशन भी पढ़ते थे। उनके चयन को देखकर ही उन्होंने सिविल सेवा की राह चुनी।
लगातार दो बार इंटरव्यू तक पहुंचने के बावजूद चयन न होने पर भी गौरव ने हार नहीं मानी। इसी दौरान व्यापम से चयन होकर वे छात्रावास अधीक्षक बने, पर PSC की तैयारी जारी रखी। अंततः 2023 की परीक्षा के परिणाम में 47वीं रैंक के साथ सफलता मिली।
“राजिम में प्रतियोगी परीक्षा की सुविधाओं की जरूरत”
गौरव कहते हैं कि रायपुर–बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में प्रतियोगी परीक्षाओं की पर्याप्त सुविधाएं हैं, लेकिन राजिम में माहौल और संसाधन दोनों की कमी है।
उन्होंने बताया कि इंटरव्यू में उनसे अधिकतर प्रश्न गरियाबंद जिला, राजिम मेला, पुन्नी मेला, और प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़े पूछे गए। एक दिलचस्प सवाल था—
“यदि आपको डिप्टी कलेक्टर बनाकर राजिम मेला की जिम्मेदारी दे दी जाए तो आप इसे कैसे मैनेज करेंगे?”
“PSC के लिए 4–5 घंटे की ईमानदार पढ़ाई काफी”
गौरव कहते हैं—
- “दिन–रात पढ़ने की जरूरत नहीं है। 4–5 घंटे की निरंतर और केंद्रित पढ़ाई ही पर्याप्त है।”
- उन्होंने किसी भी प्रकार की कोचिंग नहीं ली। काम के बीच समय निकालते हुए पढ़ाई जारी रखी।
- वे आरटीआई से अपनी mains कॉपियां मंगवाकर गलतियों को सुधारते रहते थे।
- टेलीग्राम और यूट्यूब से उन्हें बड़ी मदद मिली
“मोबाइल युग में गाइडेंस की कमी नहीं”
उन्होंने कहा कि आज मोबाइल फोन में ही टॉपर्स स्ट्रेटेजी, टेलीग्राम कंटेंट, मेंटर्स प्रोग्राम और आरटीआई कॉपियां उपलब्ध हैं।
इंटरव्यू अनुभव साझा करते हुए बोले—
“डर तो लगा, हाथ-पैर कांप रहे थे। पर खुद को समझाया कि हम भावी अधिकारी हैं और वरिष्ठ अधिकारी सिर्फ सामान्य संवाद के लिए बुला रहे हैं।”
इस सकारात्मक दृष्टिकोण के चलते उन्हें इंटरव्यू में उच्चतम अंक प्राप्त हुए।
नए अभ्यर्थियों के लिए संदेश
गौरव ने कहा—
“बेसिक स्ट्रांग रखें—भारत का भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजव्यवस्था, इतिहास… और छत्तीसगढ़ का इतिहास, संस्कृति, अर्थव्यवस्था जरूर पढ़ें।”
उन्होंने बताया कि उनके चाचा यशवंत सोनी हमेशा उन्हें सिविल सेवा की तैयारी के लिए प्रेरित करते रहे।
