@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, नई दिल्ली। भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम ने विश्व क्रिकेट में अपना वर्चस्व एक बार फिर साबित करते हुए आईसीसी अंडर-19 विश्व कप का खिताब रिकॉर्ड छठी बार अपने नाम कर लिया। शुक्रवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 100 रन से पराजित कर इतिहास रच दिया। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक पारी और गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन ने इस जीत को यादगार बना दिया।
भारत इससे पहले 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में यह प्रतिष्ठित खिताब जीत चुका है। इस जीत के साथ भारत टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे अधिक बार चैंपियन बनने वाली टीम बन गया, जबकि ऑस्ट्रेलिया चार खिताबों के साथ दूसरे स्थान पर है।
वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी ने बदला मैच का रुख
फाइनल में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 50 ओवर में 9 विकेट खोकर 411 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। महज 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने 80 गेंदों में 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल रहे। उन्होंने 55 गेंदों में शतक और 71 गेंदों में 150 रन पूरे कर अंडर-19 क्रिकेट में सबसे तेज 150 रन बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
भारत की शुरुआत हालांकि उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और चौथे ओवर में एरन जॉर्ज 9 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे ने दूसरे विकेट के लिए 142 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर पारी को संभाला। आयुष म्हात्रे ने 53 रन बनाए, जबकि अभिज्ञान कुंडु ने 40, विहान मल्होत्रा ने 36 और कनिष्क चौहान ने नाबाद 37 रन की उपयोगी पारी खेलकर टीम को 400 के पार पहुंचाया। इंग्लैंड की ओर से जेम्स मिंटो ने तीन विकेट लिए।
इंग्लैंड की कोशिश नाकाम, फाल्कनर का शतक बेअसर
412 रन के कठिन लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे, जिससे टीम बड़ी साझेदारियां नहीं बना सकी। कैलेब फाल्कनर ने 115 रन की शानदार शतकीय पारी खेलकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला और पूरी टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर सिमट गई।
भारत की ओर से दीपेश देवेंद्रन, अम्ब्रिश और कनिष्क चौहान ने दो-दो विकेट झटके, जबकि खिलन पटेल और आयुष म्हात्रे को एक-एक सफलता मिली।
इस जीत के साथ भारतीय अंडर-19 टीम ने न केवल एक और ट्रॉफी अपने नाम की, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि देश की नई क्रिकेट पीढ़ी विश्व क्रिकेट में लंबे समय तक अपनी चमक बिखेरने के लिए तैयार है।

