संवाददाता तुकाराम कंसारी
आरएसएस की 100 वर्षों की संघर्ष यात्रा और भारत माता की तस्वीर हर द्वार तक
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, नवापारा राजिम। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष को जन-जागरण वर्ष के रूप में मनाते हुए नवापारा इकाई द्वारा नगर के प्रत्येक घर-आंगन तक संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत स्वयंसेवक भारत माता की तस्वीर, संघ के 100 वर्षों की तपस्या एवं संगठन यात्रा से अवगत कराते पत्रक और प्रेरक साहित्य घर-घर पहुंचा रहे हैं।
संघ के अनुसार “एक भारत—श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को जनमानस तक पहुंचाकर राष्ट्रभावना को सुदृढ़ करना ही इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य है। स्वयंसेवक समाज में व्यक्तित्व निर्माण, सेवा कार्य और संघ के संगठन विस्तार के माध्यम से समरस भारत की स्थापना हेतु निरंतर सक्रिय रहते हैं।
पंच परिवर्तन के माध्यम से जनजागरण
शताब्दी वर्ष के निमित्त सामाजिक परिवर्तन की दिशा में संघ ने पांच प्रमुख विषयों पर व्यापक जनसंपर्क का अभियान छेड़ा है–
- 1️⃣ सामाजिक समरसता
- 2️⃣ पर्यावरण संरक्षण
- 3️⃣ कुटुंब प्रबोधन
- 4️⃣ स्व-आधारित जीवन
- 5️⃣ नागरिक कर्तव्यबोध
इन विषयों को “पंच परिवर्तन” का स्वरूप देते हुए संघ का आह्वान है कि समाज स्वयं संगठित होकर चुनौतियों का समाधान तलाशे तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दे।
हर घर तक पहुंच रहा राष्ट्रभक्ति का संदेश
नवापारा नगर को पांच बस्तियों में विभाजित कर स्वयंसेवक घर-घर जाकर संवाद स्थापित कर रहे हैं। प्रमुख रूप से नगर कार्यवाह आकाश जैन, सह-नगर कार्यवाह प्रदीप मिश्रा, सह-नगर संघचालक डॉ. के.आर. सिन्हा, रोहित प्रजापति, सोहद्र साहू, योगेश यादव, कैलाश साहू, धीरज ठाकुर, रवि विश्वकर्मा, डीगेश साहू, योगेश सोनकर, अमन पाटकर, विनोद देवांगन सहित अनेक स्वयंसेवक इस संपर्क यात्रा में जुटे हैं।
राष्ट्रकार्य में सहयोग का आह्वान
संघ ने नगरवासियों सहित प्रत्येक समाज के लोगों से अपील की है कि—
“शताब्दी वर्ष में सभी अपनी क्षमता और रुचि के अनुसार राष्ट्रकार्य में सक्रिय भूमिका निभाएं। सामूहिक सहयोग से ही श्रेष्ठ समाज और समर्थ राष्ट्र का निर्माण संभव है।”
राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता और कर्तव्यनिष्ठा के संदेश से ओतप्रोत यह अभियान शताब्दी वर्ष को नवापारा के लिए प्रेरणा वर्ष साबित कर रहा है।
