संवाददाता तुकाराम कंसारी

@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, राजिम। शहर से तकरीबन 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित देवी मंदिर घटारानी से लगा हुआ जलप्रपात में सैलानियों की भीड़ उमड़ती जा रही है। बारिश के चलते पहाड़ों से पानी एकत्रित होकर धार का रूप ले लिए हैं और चट्टान से लगभग 35 फीट ऊंचाई से नीचे गिरते हुए झरना हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। पानी के झर झर आवाज और उनके छिटकते हुए बूंदे शरीर में ताजगी लाने का काम कर रही है। घटारानी का जलप्रपात आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं जिसे देखना और पानी में भींगना दोनों का अपना अलग ही मजा है।


राजिम से 25 किलोमीटर दूर देवी मंदिर से लगा हुआ जलप्रपात बना आकर्षण का केंद्र


पिछले एक सप्ताह से हो रही बारिश ने दूर-दूर के सैलानियों का ध्यान खींच लिया है और सीधे अपने वाहनों से घटारानी वॉटरफॉल चलकर आ रहे हैं। बताना होगा कि  यह स्थान जमाही के मेन रोड से तकरीबन 7 किलोमीटर जंगल के रास्ते से होकर जाना पड़ता है यहां तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क बनाई गई है। सुगम रास्ते के कारण लोग कभी दोस्तों के साथ तो कभी परिवार के  साथ लुफ्त उठाने के लिए जरूर पहुंच रहे हैं। यहां देवी घटारानी का मंदिर है। प्रसिद्ध मंदिर होने के चलते प्रत्येक नवरात्र पर्व में बड़ी संख्या में ज्योति कलश प्रज्वलित की जाती है लेकिन वर्षकाल लगते ही वॉटरफॉल का अपना अलग आनंद उठाने के लिए लोग यहां जरूर पहुंच रहे हैं। इस संबंध में नरेश, महेंद्र, अशोक, विनय, सेवक ने बताया कि हम यहां पहली बार पहुंचे हुए हैं और पहले ही नजर में यह स्थान रमणीय लग रहा है। प्रकृति ने इस स्थान को आकर्षक लुक दिया है तथा देवी दर्शन के साथ ही वाटरफॉल के पानी में भींगने का अपना अलग मजा है। इसी तरह से पिंकी, द्रोपती, विशाखा, रामवती, खुशबू, दीपिका, भाविका ने कहा कि घटारानी, जतमई वॉटरफाल प्रकृति का अनमोल उपहार है। पिछले साल जतमई आए हुए थे इस बार घटारानी पहुंचे हैं बड़ा ही अच्छा लग रहा है। हमें दूसरे प्रदेश जाने की जरूरत नहीं है हमारे छत्तीसगढ़ में ऐसे पर्यटन एवं तीर्थ क्षेत्र है। जहां की खूबियां एक से बढ़कर एक है।

जिले के सभी वॉटरफॉल पूरे शबाब पर

बताया जाता है कि गरियाबंद जिला में जतमई, घटारानी, चिंगारापगार,गजपल्ला, देवधरा, घरघड़ी,सिंदूरखोल इत्यादि वॉटरफॉल है जहां वर्षा काल में इनका नजारा देखते ही बन रही है। सभी वॉटरफॉल पूरे शबाब पर है। यहां तक पहुंचाने के लिए खुद के वाहन होना अति आवश्यक है। सुबह से घर से निकला जाए तो शाम तक वापस हुआ जा सकता है। अतः दिन भर के पर्यटन की प्लानिंग बनाकर निकले तथा दोपहर का भोजन  अपने गाड़ी में रख लें। बड़े-बड़े पेड़ पौधों की झुरमुट तथा चट्टानों पर चलने का अपना  अलग अनुभव है। इनके चलते जिले में बाहर के सैलानी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। शनिवार और रविवार दोनों छुट्टी के दिन तो गाड़ियों की लाइन लगी रहती है। सुबह से लेकर देर रात तक सड़कों पर चारपहिया वाहन सरपट दौड़ती रहती है। पूर्व वर्ष कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी है जिसे देखते हुए सावधानी बरतनी की आवश्यकता है। वहीं कुछ असामाजिक तत्व भी विचरण करते हैं और सीधे-साधे भ्रमण के लिए पहुंचे लोगों को परेशान भी करते हैं ऐसे में इन सभी वॉटरफॉल में सुरक्षा के लिहाज से सिपाहियों की तैनाती अत्यंत जरूरी भी है। जिले में पहुंचने वाले हर सैलानियों की सुरक्षा जरूरी हो जाती है।

सावन भर  जिले के त्रिवेणी संगम और भूतेश्वर नाथ में लगेगी भीड़

गरियाबंद जिले में अनेक प्राचीन शिव मंदिर है इनमें से त्रिवेणी संगम में स्थित सातवीं आठवीं शताब्दी में निर्मित पंचमुखी कुलेश्वरनाथ महादेव का विशाल मंदिर, भूतेश्वर नाथ महादेव का मंदिर, मामा भांजा महादेव मंदिर, राजराजेश्वर नाथ महादेव मंदिर, दान दानेश्वर नाथ महादेव मंदिर, बाबा गरीब नाथ महादेव मंदिर, सोमेश्वर नाथ महादेव मंदिर, भुवनेश्वर नाथ महादेव मंदिर, गरियाबंद के विश्व प्रसिद्ध विश्व का विशालतम भूतेश्वर नाथ महादेव का शिवलिंग, कोपरा के कर्पूरेश्वरनाथ महादेव, फिंगेश्वर के फणीकेश्वर नाथ महादेव, लफंदी के अवघटनाथ महादेव इत्यादि शिव पीठ में बड़ी संख्या में शिव भक्त जलाभिषेक करने के लिए उपस्थित होते हैं। इस बार भी श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ेगी इसके चलते मंदिर समितियां के द्वारा तैयारी भी की जा रही है ताकि सभी श्रद्धालुओं को आसानी से शिवलिंग का दर्शन हो। धर्मनगरी राजिम में बढ़ती शिव भक्तों की भीड़ को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से पूरे सावन महीने तक सुरक्षा के लिहाज से प्रकाश, स्वच्छता तथा सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है।

Share.

Contact US

सतीश शर्मा
Editor in Chief


Mobile: 9893664533
Email: cglokdarshan@gmail.com
Address: ब्राह्मण पारा, नारी (कुरुद), जिला – धमतरी (छ.ग) 493663

Important Pages

Disclaimer

समाचारों की श्रृंखला में ‘छत्तीसगढ़ लोकदर्शन’ सबसे विश्वसनीय वेब न्यूज पोर्टल है, इसमें देश दुनिया की नवीनतम खबरों के साथ एक वैचारिक चिंतन भी है। ज्ञातव्य हो कि संवाददाताओं द्वारा भेजे गए समाचार की पुष्टि के लिए संपादक या पोर्टल किसी भी तरह उत्तरदायी नहीं है।

© 2025 cglokdarshan.com. Designed by Nimble Technology.

Exit mobile version