परंपरागत सवनाही पर्व में सत्यनारायण कथा, चिला रोटी अर्पण और सामूहिक आस्था का संगम
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, कुरुद। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक पर्व संस्कृति के अंतर्गत गुदगुदा ग्राम में फसल रक्षा एवं समृद्धि की मंगलकामना के साथ गर्भ पूजा एवं सत्यनारायण कथा का भव्य आयोजन हुआ। परंपरागत सवनाही पूजा की यह अनोखी लोक परंपरा सावन माह के पहले रविवार से शुरू होकर लगातार पांच रविवार तक चलती है। इस दौरान प्रत्येक रविवार को गांव में कृषि कार्य पूरी तरह बंद रहता है और अंतिम रविवार को विशेष रूप से खार पूजा, गर्भ पूजा एवं सत्यनारायण कथा का आयोजन होता है।
ग्रामीण परंपरा के अनुसार खेत में गर्भस्थ फसलों को माता अन्नपूर्णा का स्वरूप मानकर पूजा की जाती है। इस अवसर पर खेतों में चिला रोटी चढ़ाने की परंपरा निभाई गई और गांव के सभी प्रमुख देव-धामी स्थलों पर पूजा-अर्चना की गई। सामूहिक अनुष्ठान के माध्यम से किसानों ने भरपूर पैदावार, गांव की खुशहाली और प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा की कामना की। कथा वाचक ग्राम पुरोहित सतीश शर्मा जी महाराज रहे।
इस अवसर पर भानूराम साहू, सनातन साहू, ओंकार साहू, संतोष साहू, रविशंकर साहू, केवल राम साहू, गोकुल राम ध्रुव, चंद्रहास साहू, सेवक राम साहू, चंदन सोनकर, टेकराम साहू, प्रीतम साहू, वासुदेव साहू, गोवर्धन सेन, विष्णु साहू, नानक साहू, रोहित साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धा और उत्साहपूर्वक पूजा-अर्चना में भाग लिया। गुदगुदा ग्राम का यह आयोजन न केवल आस्था और अध्यात्म का प्रतीक है, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृषि-केंद्रित लोक संस्कृति को जीवंत बनाए रखने वाला एक अनुपम उदाहरण भी है।
