संवाददाता तुकाराम कंसारी
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, नवापारा-राजिम। नगर के वार्ड क्रमांक 7 में स्थित स्व. प्रकाश कुमार करहाडे के निवास पर ब्रह्मकमल का दुर्लभ पुष्प खिला, जिसे देखने के लिए क्षेत्रभर से लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। करहाडे परिवार ने इसे ईश्वर का आशीर्वाद बताते हुए विशेष पूजा-अर्चना की।
स्व. करहाडे की पत्नी माधुरी करहाडे ने बताया कि यह पौधा मूल रूप से उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र में पाया जाता है और इसकी विशेष देखभाल के बाद दो वर्षों के प्रयास के बाद यह दुर्लभ पुष्प खिला है। ब्रह्मकमल शाम 7 बजे से रात 10:30 बजे तक पूरी तरह खिलता है और सुबह 4 बजे तक अपनी सुंदरता और भीनी खुशबू से वातावरण को महकाता रहता है। उल्लेखनीय है कि यह फूल वर्ष में केवल एक बार ही खिलता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार ब्रह्मकमल भगवान विष्णु की नाभि से उत्पन्न कमल का प्रतीक माना जाता है, जिस पर सृष्टिकर्ता ब्रह्मा जी का जन्म हुआ। इसे घर में खिलना शुभ संकेत माना जाता है और समृद्धि व सौभाग्य का प्रतीक समझा जाता है। ब्रह्मकमल को माता लक्ष्मी की कृपा का रूप मानते हुए नगरवासियों ने फूल के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
इस दुर्लभ प्राकृतिक दृश्य ने क्षेत्रवासियों में उत्साह, श्रद्धा और आध्यात्मिक आनंद का वातावरण बना दिया। देखने आए लोगों ने इसे जीवन में सौभाग्य का अनुभव बताया।
