संवाददाता तुकाराम कंसारी
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, नवापारा-राजिम। पर्वाधिराज पर्युषण पर्व की अगुवानी में स्थानीय श्वेताम्बर जैन मंदिर प्रांगण में अक्षय निधि, समवसरण, विजयकषाय तप, अरिहंत पद आराधना सहित विभिन्न तपस्याओं का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक अपनी-अपनी तपश्चर्या प्रारंभ की, जिससे मंदिर परिसर भक्ति और साधना के रंग में रंग गया। इस अवसर पर दादाबाड़ी में प्रभु प्रतिमा की स्थापना संपन्न हुआ।
- कुंभ कलश स्थापना का लाभ सोनराज अजय कोचर परिवार ने लिया।
- ज्ञान पूजा एवं स्थापना का लाभ हुकुमचंद पारख परिवार ने लिया।
- धूप पूजा का लाभ संपतलाल हेमंत चौरड़िया परिवार ने लिया।
- अखंड दीप स्थापना का लाभ गुलाबचंद बंगानी परिवार को प्राप्त हुआ।
पूजन-विधि का संचालन श्रीमती नमिता बोथरा एवं शशी गोलछा ने किया। मान ताराभवन में आज के एकासने के लाभार्थी ऋषभचंद बोथरा का बहुमान संघ प्रमुख शेखर बाफना एवं ट्रस्टी आशीष टाटिया द्वारा किया गया।
अजमेर दादाबाड़ी कलश यात्रा का हुआ आगमन
प्रथम दादागुरुदेव श्री जिनदत्तसूरिजी म.सा. के 871 वर्ष पुराने समाधिस्थल के जीर्णोद्धार के उपलक्ष्य में अजमेर दादाबाड़ी से प्रस्थान की गई पवित्र कलश यात्रा आज प्रातः नवापारा पहुंचा।
कलश यात्रा में आचार्य, उपाध्याय, गणि एवं गुरु भगवंतों के आशीर्वाद, स्वरूप वासक्षेप तथा देशभर के संघों से प्राप्त स्वर्ण-रजत, माणक-मोती से अलंकृत किया गया, जिन्हें अजमेर दादाबाड़ी के शिलान्यास प्रसंग पर पवित्र गहन शिलाओं के मध्य प्रतिष्ठित किया गया।
यात्रा का कार्यक्रम
प्रातः 9:30 बजे मान ताराभवन में सकल श्री संघ सदस्यों के नवकारसी की व्यवस्था किया गया।
10:00 बजे गांधी चौक श्वेताम्बर जैन मंदिर से कलश यात्रा प्रारंभ होकर पुराना बस स्टैंड, सदर रोड, जोहन गली, गज रोड होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंचा।
समापन पर गुणानुवाद सभा का आयोजन
संघ प्रमुख शेखर बाफना ने इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने पर समाजजनों के प्रति आभार जताया।
