दीपावली पर नए कपड़े, मिठाई और नमकीन पाकर खिल उठे बच्चों के चेहरे, सेवा के इस कार्य की नगर में हो रही सराहना
@संवाददाता तुकाराम कंसारी
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन ,नवापारा-राजिम। दीपावली का त्योहार खुशियां बांटने और दूसरों के जीवन में उजाला लाने का पर्व है। इसी भावना को साकार करते हुए नगर की प्रसिद्ध धार्मिक एवं जनकल्याणकारी संस्था सालासर सुंदरकांड हनुमान चालीसा जनकल्याण समिति ने 90 दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों को दीपावली की खुशियां बांटीं। समिति ने इन बच्चों को नए कपड़े, मिठाई और नमकीन उपलब्ध कराए। इस पहल से बच्चों के चेहरे खिल उठे और पूरा वातावरण खुशियों से भर गया।
समिति ने प्रतिवर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी जरूरतमंद बच्चों के बीच दीपावली मनाई। इस दौरान नवागांव बुडेनी स्थित सेवा संकल्प संस्थान के 62 तथा अभनपुर की नेकी की कुटिया के 28 बच्चे शामिल हुए। इन बच्चों में नेत्रहीन, मूक-बधिर, बौद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित, शारीरिक रूप से दिव्यांग एवं अनाथ बच्चे शामिल थे।
नए कपड़े, मिठाई और नमकीन पाकर बच्चों की खुशी देखते ही बन रही थी। जो बच्चे देख सकते थे, वे अपनी पसंद के कपड़े चुनने में जुटे रहे। बच्चों के चेहरों पर खिलती मुस्कान और उनकी खुशी देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। यह आयोजन केवल उपहार बांटने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज के उन बच्चों के साथ खुशियां साझा करने का माध्यम बना, जिन्हें अक्सर सामाजिक आयोजनों में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाता।
सेवा से मिलता है आत्मिक सुख : राजू काबरा
संस्था के संस्थापक राजू काबरा ने कहा कि ये बच्चे भी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और ईश्वर की संतान हैं। भले ही कुछ बच्चे बोल, देख या सुन नहीं पाते, लेकिन उनके मन में भी इच्छाएं और भावनाएं होती हैं। दूसरे बच्चों की तरह उनका भी मन करता है कि वे त्योहार पर नए कपड़े पहनें, मिठाइयां खाएं और खुशियां मनाएं।
उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि दीपावली नजदीक आने पर जब बोलने में सक्षम बच्चे उनसे नए कपड़े दिलाने की मांग करते हैं, तो उनका मन भर आता है। ऐसे बच्चों की इच्छाओं को पूरा करना और उनके जीवन में खुशियां लाना ही सच्ची सेवा है। इससे ईश्वर भी प्रसन्न होते हैं और सेवा करने वालों को आत्मिक सुख की अनुभूति होती है।
काबरा ने बताया कि समिति द्वारा किए जाने वाले सेवा कार्य नगर एवं अंचल के लोगों के सहयोग से संपन्न होते हैं। समाज के सहयोग से ही जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास निरंतर जारी है।
बाढ़ पीड़ितों की सहायता में भी बढ़ाया था हाथ
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ के दौरान भी सालासर समिति ने जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। समिति की ओर से प्रभावित लोगों को भोजन एवं राशन सामग्री वितरित की गई थी। इस सेवा कार्य की भी नगर में काफी सराहना हुई थी। दीपावली पर दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों के साथ खुशियां बांटकर समिति ने एक बार फिर अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता का परिचय दिया।
भजनों से गूंज उठा आयोजन स्थल
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने हनुमान चालीसा, ‘तीन बाणधारी’ और ‘राम-राम जप’ जैसे भजनों का गायन कर माहौल को भक्तिमय एवं खुशनुमा बना दिया। राजपाल परिवार की ओर से बच्चों को स्वल्पाहार एवं चाय भी पिलाई गई।
इस अवसर पर संस्था के संस्थापक राजू काबरा, संतोष अग्रवाल, रूपेंद्र चंद्राकर, कविता इसरानी, सरिता सिंह, मोहिनी साहू, सुरेश काबरा, गोविंद, दीपेश, प्रवेश राजपाल, नारायण सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
बच्चों की देखरेख करने वाली सेवा संकल्प संस्थान नवागांव बुडेनी की ओर से सुनीता साहू, रूपल शर्मा, अनिता एवं पूजा साहू तथा नेकी की कुटिया अभनपुर की ओर से योशिता गोस्वामी एवं संध्या साहू बच्चों को लेकर पहुंची थीं।
समिति की इस पहल ने यह संदेश दिया कि त्योहार की असली खुशी अपने लिए खुशियां जुटाने में नहीं, बल्कि उन लोगों के जीवन में मुस्कान लाने में है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक जरूरत है।








