@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, कुरूद। शासन द्वारा मानसून अवधि में खनन एवं रेत भंडारण पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद ग्राम पंचायत संकरी में खुलेआम रेत का विशाल भंडारण किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि संचालक देवेंद्र साहू द्वारा खनिज, पर्यावरण एवं श्रम कानूनों की अनदेखी करते हुए बड़े पैमाने पर रेत का भंडारण किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार भंडारण स्थल पर न तो वैध परिवहन आदेश प्रदर्शित किया गया है और न ही रॉयल्टी संबंधी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं। वहीं निर्धारित मापदंडों से अधिक मात्रा में रेत संग्रहित किए जाने की भी चर्चा है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि भंडारण स्थल पर एक नाबालिग द्वारा माउंटेन मशीन का संचालन कराया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि लगभग 11 वर्षीय बालक को 25 फीट ऊंचे रेत के टीले पर मशीन चलाते देखा गया, जो न केवल बाल श्रम कानूनों का उल्लंघन है बल्कि किसी बड़ी दुर्घटना को भी आमंत्रण दे रहा है।
गौरतलब है कि खनिज विभाग के नियमों के अनुसार 10 जून से 15 अक्टूबर तक रेत खनन एवं भंडारण पर प्रतिबंध रहता है। इसके बावजूद संकरी में लगातार वाहनों की आवाजाही और रेत डंपिंग से यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर किसके संरक्षण में यह पूरा खेल संचालित हो रहा है।
मामले में पक्ष जानने के लिए जिला खनिज अधिकारी से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं कुरूद के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नभसिंह कोसले ने मामले की जांच कर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस कथित अवैध भंडारण पर सख्त कार्रवाई करेगा, या फिर नियमों को धता बताकर चल रहे इस कारोबार पर पर्दा पड़ा रहेगा? प्रतिबंध अवधि में हो रही गतिविधियों ने प्रशासनिक निगरानी और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।








