सावन झूला पर्व में उमड़ी श्रद्धा, श्रीमद्भागवत कथा में हुआ परीक्षित जन्म का मार्मिक वर्णन
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, राजिम। छत्तीसगढ़ के प्रयाग तीर्थ के रूप में प्रसिद्ध राजिम स्थित श्री राजीव लोचन मंदिर में इन दिनों सावन झूला पर्व की भव्य धार्मिक छटा देखने को मिल रही है। पर्व के तृतीय दिवस नाग पंचमी के अवसर पर भगवान श्री हरि राजीव लोचन का कालिया नाग मर्दन स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया। भगवान की मनमोहक झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

नाग पंचमी के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण और अधिक भक्तिमय हो गया। भगवान श्रीकृष्ण के कालिया नाग मर्दन प्रसंग को आकर्षक स्वरूप में प्रस्तुत किया गया, जिसे देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
श्रीमद्भागवत कथा में परीक्षित जन्म का प्रसंग
सावन झूला पर्व के अंतर्गत आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस कथा व्यास पंडित वरुण तिवारी ने राजा परीक्षित के जन्म की कथा का विस्तारपूर्वक एवं मार्मिक वर्णन किया।

उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा और भगवन्नाम के सतत स्मरण से असंभव संकट भी टल सकते हैं। भगवान के नाम का स्मरण जीवन की नित्य साधना का हिस्सा बन जाए तो अंतिम समय में भी सहज रूप से भगवान का स्मरण हो सकता है।
कथा व्यास ने महाभारत के प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि कुरुक्षेत्र युद्ध और अपने पिता द्रोणाचार्य की मृत्यु से क्षुब्ध अश्वत्थामा ने द्रौपदी के पांच पुत्रों की हत्या कर दी थी। इसके बाद पांडवों ने अश्वत्थामा को बंदी बनाया और उसके मस्तक पर स्थित मणि निकाल ली। इससे क्रोधित होकर अश्वत्थामा ने अर्जुन की पुत्रवधू उत्तरा के गर्भ में पल रहे परीक्षित को मारने के उद्देश्य से ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया।
कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने अपने दिव्य प्रभाव से उत्तरा के गर्भ में स्थित परीक्षित की ब्रह्मास्त्र से रक्षा की। इसी प्रसंग से भगवान की कृपा, भक्त की रक्षा और भगवन्नाम की महिमा का संदेश सामने आता है।
पंडित वरुण तिवारी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा भगवान के नाम-संकीर्तन और भक्ति को जीवन की आदत बनाने का श्रेष्ठ माध्यम है। नियमित रूप से भगवन्नाम का स्मरण करने से मनुष्य के जीवन में आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है।
मुख्य यजमान के रूप में कथा श्रवण कर रहे सर्वराकार
श्रीमद्भागवत कथा में मंदिर के सर्वराकार चंद्रभान सिंह ठाकुर सपत्नीक मुख्य यजमान के रूप में राजा परीक्षित की भूमिका में कथा श्रवण कर रहे हैं।
इस अवसर पर मंदिर के वरिष्ठ ट्रस्टी ठाकुर श्रवण सिंह, राजेंद्र सिंह ठाकुर, बैकुंठ सिंह ठाकुर, मैनेजर पुरुषोत्तम मिश्रा, पुजारी समिति अध्यक्ष रामकुमार सिंह ठाकुर, पुजारी नरेंद्र सिंह, रमेश सिंह, नंद किशोर शर्मा, रूपेश शर्मा, आचार्य विजय शर्मा, सनत कुमार सहित अन्य श्रद्धालु एवं मंदिर से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सावन झूला पर्व के दौरान राजीव लोचन मंदिर में प्रतिदिन होने वाले धार्मिक आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक आनंद का केंद्र बने हुए हैं।








