संवाददाता तुकाराम कंसारी
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, नवापारा राजिम। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) इकाई गोबरा-नवापारा द्वारा संविधान निर्माता, मानवाधिकारों के पुरोधा एवं राष्ट्रनायक डॉ. भीमराव अम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस को सामाजिक समरसता दिवस के रूप में श्रद्धा के साथ मनाया गया।
चंपारण चौक स्थित डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने उनके सामाजिक न्याय, समानता और भाईचारा स्थापित करने के राष्ट्रधर्म को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने केवल वंचित वर्गों की ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति के समान अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। भारतीय संविधान के माध्यम से उन्होंने स्वतंत्रता, समानता और बंधुता के सर्वोच्च मूल्यों को सार्थक रूप दिया। उनका संदेश— “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो”— आज भी समाज को दिशा प्रदान करता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने “भारत माता की जय”, “छत्तीसगढ़ महतारी की जय”, “वंदे मातरम्” और “डॉ. भीमराव अंबेडकर अमर रहें” के गगनभेदी नारों के साथ सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं नगर मंत्री दीपक साहू, नगर सह मंत्री दिपेश सेन, कोषाध्यक्ष अभिषेक कंसारी, नगर एस.एफ.एस. प्रमुख आयुष रजक, खेलो भारत प्रमुख धर्मेंद्र साहू, नगर कार्यकारिणी सदस्य सोम निर्मलकर, प्रेम साहू, जगमोहन साहू, श्लोक शर्मा सहित अभाविप के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।








