संवाददाता तुकाराम कंसारी
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, गोबरा-नवापारा। श्री कुलेश्वर महादेव शासकीय महाविद्यालय, गोबरा-नवापारा में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के अंतर्गत आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा के प्रथम चरण का आयोजन आज से आरंभ हो गया है। यह परीक्षा 15 सितम्बर से 20 सितम्बर 2025 तक नियमित विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जाएगी। परीक्षा में कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय के स्नातक तथा स्नातकोत्तर प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर की कक्षाएँ शामिल हैं।
आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा प्रभारी श्री टिकेश्वर सिंह मरकाम ने बताया कि परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का आकलन करना और उन्हें आत्ममूल्यांकन का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से समय पर परीक्षा में शामिल होने और अपने अध्ययन पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मधुरानी शुक्ला ने कहा कि आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा विद्यार्थियों के अनुशासन, समय प्रबंधन और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने सभी छात्रों को परीक्षा को गंभीरता से लेते हुए अपने ज्ञान और कौशल को निखारने की सलाह दी।
आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ (IQAC) के संयोजक डॉ. प्रेमेन्द्र कुमार उपाध्याय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत आंतरिक मूल्यांकन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा –
“राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में आंतरिक मूल्यांकन को सीखने-सिखाने की प्रक्रिया का आवश्यक अंग माना गया है। इसका उद्देश्य केवल स्मरण क्षमता की जाँच करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, विश्लेषणात्मक दृष्टि, व्यवहारिक ज्ञान और जीवन कौशल का विकास करना है। निरंतर और पारदर्शी मूल्यांकन से छात्र अपनी कमियों को पहचानते हैं और उन्हें सुधारने का अवसर प्राप्त करते हैं। इससे वे आत्मविश्वासी, जिम्मेदार और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनते हैं।”
महाविद्यालय प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों से परीक्षा में अनुशासन, ईमानदारी और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ सहभागिता करने की अपेक्षा की है। आंतरिक मूल्यांकन का यह प्रथम चरण विद्यार्थियों की तैयारी को परखने और आगामी मुख्य परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु प्रेरित करेगा








