संवाददाता तुकाराम कंसारी
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन नवापारा राजिम। गरियाबंद जिले की पावन नगरी राजिम इन दिनों पर्यटकों और श्रद्धालुओं की पहली पसंद बनी हुई है। आस्था, इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम यहाँ दूर-दराज़ से आने वाले लोगों को आकर्षित कर रहा है।
प्राचीन श्री राजीव लोचन मंदिर और त्रिवेणी संगम पर स्थित श्री कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर दर्शनार्थियों के प्रमुख केंद्र हैं। भगवान विष्णु को समर्पित राजीव लोचन मंदिर की अद्वितीय शिल्पकला और मूर्तिकला जहाँ पर्यटकों को मंत्रमुग्ध करती है, वहीं महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के संगम पर स्थित कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पवित्रता और आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है।
अवकाश के दिनों में यहाँ 25,000 से 30,000 तक श्रद्धालु और पर्यटक पहुँच रहे हैं। हाल ही में रक्षाबंधन पर्व के बाद अवकाश के दिन संगम तट पर पर्यटकों का भारी जमावड़ा देखा गया। लोग परिवार सहित न केवल मंदिर दर्शन कर रहे हैं, बल्कि संगम स्नान, पिकनिक और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद भी ले रहे हैं।
पर्यटन में इस वृद्धि से स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी रौनक आ गई है। होटल, रेस्टोरेंट, स्मृति चिन्ह की दुकानें और परिवहन सेवाएँ तेज़ी से फल-फूल रही हैं। सरकारी प्रयासों से पार्किंग, शौचालय और पर्यटन सूचना केंद्र जैसी सुविधाओं में सुधार ने पर्यटकों की सुविधा बढ़ाई है।
हालाँकि, बढ़ती भीड़ के साथ ट्रैफिक जाम और पर्यावरण संरक्षण जैसी चुनौतियाँ भी सामने आ रही हैं। स्थानीय प्रशासन इन मुद्दों के समाधान के लिए प्रयासरत है ताकि राजिम की धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पहचान सुरक्षित बनी रहे।
राजिम आज न केवल एक धार्मिक तीर्थ है, बल्कि एक उभरता हुआ पर्यटन हब बनकर देशभर के यात्रियों को अपनी ओर खींच रहा है।








