@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, राजिम। राजिम और आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! दशकों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। बहुप्रतीक्षित नवा रायपुर-धमतरी-राजिम रेललाइन परियोजना का काम लगभग पूरा हो चुका है और रेलवे ने 15 अगस्त, 2025 से राजिम तक सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की तैयारी कर ली है। यह कदम न केवल तीर्थयात्रियों के लिए एक बड़ी सौगात होगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी आवागमन का एक सुगम और सस्ता माध्यम बनेगा।
अंतिम चरण में परियोजना, बस हरी झंडी का इंतजार
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अभनपुर से राजिम के बीच मीटर गेज लाइन को ब्रॉड गेज में बदलने का काम लगभग पूरा हो चुका है। हाल ही में 30 जून को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के महाप्रबंधक तरुण सिन्हा ने इस नवनिर्मित ट्रैक का निरीक्षण भी किया था। अब केवल रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) की अंतिम जांच और अनुमति का इंतजार है।
रेलवे का लक्ष्य है कि अगर बारिश ने कोई बाधा नहीं डाली, तो स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के शुभ अवसर पर राजिम के लिए पहली मेमू ट्रेन को हरी झंडी दिखा दी जाएगी।
बढ़ेगा सफर का रोमांच, यात्रियों की संख्या में होगी बढ़ोतरी
वर्तमान में, रायपुर से अभनपुर के बीच मेमू ट्रेन का संचालन हो रहा है, जिसमें हर महीने लगभग एक हजार यात्री सफर कर रहे हैं। अब इसी ट्रेन सेवा को राजिम तक बढ़ाया जाएगा।तीर्थनगरी से सीधा जुड़ाव:
राजिम, जिसे ‘छत्तीसगढ़ का प्रयाग’ कहा जाता है, तक सीधी ट्रेन सेवा शुरू होने से तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की संख्या में भारी उछाल आने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों को राहत: यह रेल सेवा स्थानीय व्यापारियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
आगे का लक्ष्य :
दिसंबर तक धमतरी पहुंचेगी ट्रेन रेलवे का काम यहीं नहीं रुकेगा। राजिम के बाद अगला लक्ष्य धमतरी है।
धमतरी तक काम तेज :
अभनपुर से धमतरी के बीच भी गेज परिवर्तन का काम तेजी से चल रहा है।
दिसंबर का टारगेट :
अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर 2025 तक धमतरी तक भी ट्रेन सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, पूरी परियोजना को 2026 तक पूरा करने का अंतिम लक्ष्य है।
फिलहाल, राजिम स्टेशन के पास कुछ अतिक्रमण की समस्या है, जिसे हटाने के लिए रेलवे स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि ट्रेन संचालन में कोई बाधा न आए।








