@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, रायपुर/तिल्दा-नेवरा। रायपुर जिले के ग्राम बिलाड़ी स्थित मिडिल स्कूल से एक शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है. स्कूल के शौचालय (बाथरुम) में एक चालू हालत में मोबाइल फोन मिलने के बाद छात्राओं, शिक्षिकाओं और पूरे स्टाफ में भारी आक्रोश फैल गया है. जांच के बाद सामने आया कि यह फोन स्कूल के प्रधान अध्यापक और संकुल समन्वयक भूपेंद्र कुमार साहू का था.

स्कूल स्टाफ के मुताबिक मोबाइल को बाथरुम में जानबूझकर रखा गया था और उससे वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही थी. जब शिक्षकों को इस संदिग्ध गतिविधि की भनक लगी. तो उन्होंने फौरन अन्य स्टाफ को खबर दी. महिला स्टाफ द्वारा मोबाइल को जब्त किया गया और इसकी जानकारी उन्होंने अपने परिजनों को दी.
महिला शिक्षिकाओं और उनके परिजनों ने फौरन तिल्दा थाने में पहुंचकर FIR दर्ज कराई. साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग और स्कूल जनभागीदारी समिति को भी घटना से अवगत कराया गया है.
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब इस घटना की जानकारी खुद प्रधान अध्यापक भूपेंद्र कुमार साहू को दी गई. तो उन्होंने कबूल किया कि मोबाइल उनका ही है उन्होंने बताया कि मैंने जानबूझकर मोबाइल चालू हालत में बाथरुम में रखा था. एक मोबाइल से दूसरे मोबाइल में और फिर लैपटॉप में कन्वर्ट कर वीडियो देखा करता था.
इस घटना ने न सिर्फ शिक्षा विभाग को झकझोर कर रख दिया है. बल्कि स्कूलों में बच्चों खासकर छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. शिक्षा विभाग से लेकर अभिभावकों तक में गंभीर चिंता और आक्रोश व्याप्त है.
जनभागीदारी समिति और अभिभावकों ने भूपेंद्र कुमार साहू को फौरब बर्खास्त करने और कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है. साथ ही स्कूलों में सीसीटीवी और महिला सुरक्षा प्रोटोकॉल को अनिवार्य रुप से लागू करने की मांग की गई है.
यह घटना एक चेतावनी है कि शिक्षा के मंदिरों में इस तरह की गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है. समय आ गया है जब स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त और तकनीकी दृष्टिकोण अपनाया जाए.








