। छत्तीसगढ़ के पाटन से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां जनपद पंचायत के सामने मजदूरों ने जोरदार प्रदर्शन किया है।
दरअसल, मजदूरों का आरोप है कि हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है। पेंशन हितग्राहियों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही, वहीं मनरेगा के तहत भी मजदूरों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है। इन सभी समस्याओं को लेकर आज सैकड़ों की संख्या में मजदूर एकजुट होकर प्रदर्शन करने पहुंचे।
प्रदर्शन की खास बात यह रही कि मजदूर अपने साथ फावड़ा और गैती लेकर पहुंचे थे, जबकि पीएम आवास योजना के हितग्राही पलंग और बिस्तर लेकर धरना स्थल पर पहुंचे। इससे उनका गुस्सा और नाराजगी साफ तौर पर देखने को मिली।
मजदूरों ने कलेक्टर और सीईओ के नाम ज्ञापन सौंपते हुए 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि अगर निर्धारित समय के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे बोरिया-बिस्तर के साथ जनपद पंचायत के सामने अनिश्चितकालीन प्रदर्शन करेंगे।
प्रदर्शन के दौरान मजदूरों को जनपद के मुख्य गेट के पास ही रोक दिया गया और केवल एक प्रतिनिधिमंडल को ही अंदर जाने की अनुमति दी गई। इस दौरान तहसीलदार और सीईओ को ज्ञापन सौंपा गया।
वहीं, प्रदर्शन में शामिल वक्ताओं ने जिला पंचायत दुर्ग के सीईओ के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की।
फिलहाल प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सबकी नजर बनी हुई है। इस अवसर पर मुख्य रूप से युगल आडील, राकेश आडील, द्रोपदी साहू, सहित बड़ी संख्या में सरपंच, पंच, ग्रामीण मजदूर गांव गांव से पहुंचे थे।

। छत्तीसगढ़ के पाटन से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां जनपद पंचायत के सामने मजदूरों ने जोरदार प्रदर्शन किया है।






