संवाददाता तुकाराम कंसारी
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, राजिम। देशभर में प्रतिवर्ष मनाए जाने वाले शिक्षक दिवस के अवसर पर ग्राम पितईबंद में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन कर शिक्षकों का सम्मान किया गया। सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत, शाला प्रबंधन समिति, छात्र-छात्राएँ और ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए और शिक्षकों के योगदान की सराहना की।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती और सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन एवं पूजन-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद बच्चों ने वंदना, स्वागत गीत और गुरूवंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम को भव्य रूप दिया। कनिका और वंदना द्वारा शिक्षक दिवस पर सुंदर भाषण प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर सेवानिवृत्त प्रधान पाठक मोहन लाल साहू, चोवाराम बंजारे, नंदूराम यदु, प्रधान पाठक सुनील कुमार पाण्डेय, आशा ध्रुव, शिक्षक संतोष कुमार साहू, विजय कुमार महोबिया, अराधना नाग, भारती साहू, चंद्रप्रभा सोनवानी, योगेश्वरी साहू, सुनील कुमार कौशिक सहित अन्य शिक्षकों को पुष्पहार, गमछा, प्रशस्ति पत्र, श्रीफल व पेन देकर सम्मानित किया गया।
संस्था के सचिव ओमप्रकाश डहरिया ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन संतोष कुमार साहू ने करते हुए कहा –
“इस दुनिया में गुरु और माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं है। हमें उनका सम्मान सदैव करते रहना चाहिए।”
शिक्षक सुनील कौशिक ने कहा –
“शिक्षक स्वयं जलता है ताकि दूसरों को रोशनी दे सके।”
शिक्षक विजय कुमार महोबिया ने कहा –
“शिक्षक बच्चों को अंधकार से निकालकर उजाले की ओर ले जाते हैं और सेवा भाव से कार्य करते हैं।”
प्रधान पाठक सुनील कुमार पाण्डेय ने कहा –
“ग्रामीणों द्वारा दिए गए इस सम्मान से हम गर्व महसूस करते हैं। हम बच्चों को संस्कारित बनाने के लिए सतत प्रयासरत रहते हैं।”
प्रधान पाठक आशा ध्रुव ने कहा –
“गुरु के आशीर्वाद से ही बच्चे निरंतर आगे बढ़ते हैं। गुरु-शिष्य परंपरा आदि काल से चली आ रही है।”
पूर्व सरपंच पूनारद बंजारे ने कहा –
“शिक्षक समाज को नई दिशा और प्रेरणा देते हैं तथा सही और गलत का भान कराते हैं। यहाँ के सभी शिक्षक नशामुक्त हैं।”
शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नरेश कुमार बया ने स्व-रचित कविता एवं गीत प्रस्तुत कर सभी शिक्षकों का सम्मान किया। सेवा निवृत्त प्रधान पाठक नंदूराम यदु ने कहा –
“मानव जीवन शिक्षा के बिना अधूरा है। विद्या से बड़ा कोई धन नहीं। माता सरस्वती और गुरु की कृपा से बच्चों की नैया पार हो जाती है।”
चोवाराम बंजारे ने कहा –
“शिक्षक सभी बच्चों को समान रूप से शिक्षा देते हैं। जो बच्चे मेहनत करते हैं, वही आगे बढ़ते हैं।”
मोहन लाल साहू ने कहा –
“मुझे भी इस विद्यालय में सेवा देने का सौभाग्य मिला। पहले शिक्षक दिवस बच्चों द्वारा मनाया जाता था, लेकिन आज पूरे गाँव द्वारा सम्मानित किया जाना गर्व की बात है। यह पहल शिक्षकों के सतत सम्मान का प्रतीक है।”
सरपंच गोदावरी सहदेव बंजारे ने कहा –
“हम सभी शिक्षकों को बधाई देते हैं और विद्यालय के विकास के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।”
कार्यक्रम में बच्चों ने भी अपने गुरुजनों को श्रीफल और पेन भेट कर सम्मानित किया। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के सफल संचालन हेतु दोनों विद्यालयों के प्रधान पाठक एवं शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
ग्राम पंचायत की ओर से गमछा व श्रीफल की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में उपसरपंच शेखर बंजारे, पंच टुकेश नगारची, जगदीश यादव, बसंती ध्रुव, अनुसुइया बया, रुचि यदु, रामहीन भारती, पूजा सेन, परस राम बया, रेवती देवांगन, राजेश बंजारे, दीनदयाल सोनवानी, मनोरमा देवांगन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों का योगदान रहा। विद्यालय से शिक्षिकाएँ रीना भारती, शिल्पा डे, खेल शिक्षक मनी हरबंश आदि का भी सराहनीय सहयोग रहा।
शिक्षक दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम ग्राम पितईबंद में शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जागरूकता का उत्सव बनकर उभरा।








