संवाददाता तुकाराम कंसारी
“जब समाज प्रतिभाओं की पीठ थपथपाता है, तब उन्हें नई ऊर्जा मिलती है” — पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, रायपुर। प्रतिष्ठित सामाजिक व साहित्यिक संस्था वक्ता मंच द्वारा रविवार को वृन्दावन सभागृह में आयोजित भव्य विभूति अलंकरण समारोह में प्रदेश के 121 चयनित विभूतियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे उन प्रतिभाओं का सम्मान था, जिन्होंने समाज, संस्कृति, शिक्षा, कला, विज्ञान, पत्रकारिता व प्रशासन के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता बस्तर अंचल के प्रमुख हर्बल उद्यमी एवं कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजाराम त्रिपाठी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला जनसंपर्क अधिकारी अनिल द्विवेदी, जनमन के संपादक अनिल सिंह, छग जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमित गौतम, वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार धर द्विवेदी और संपादक पं. पी. के. तिवारी मंच पर विराजमान थे।
दबंग स्वर के दुर्ग संस्करण का विमोचन
समारोह की शुरुआत दैनिक दबंग स्वर के दुर्ग संस्करण के विमोचन से हुई। कार्यक्रम का सह-प्रायोजक भी दैनिक दबंग स्वर ही रहा।
मानवीय पहल : दिव्यांगजनों के लिए 50 कंबल
वक्ता मंच के माध्यम से विनोद ओमप्रकाश गोयल द्वारा अपने माता–पिता की स्मृति में दिव्यांग आश्रम के निवासियों हेतु 50 कंबल प्रदान किए गए, जिसने समारोह में मानवीय संवेदना का विशेष रंग भरा।
मुख्य अतिथि का उद्बोधन:
अपने संबोधन में पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा ने कहा—
“जब समाज आगे बढ़कर अच्छी पहल करने वालों का हौसला बढ़ाता है, तब प्रतिभाओं को नई ऊर्जा प्राप्त होती है। वक्ता मंच केवल सम्मान नहीं देता, बल्कि अपने हाथों से सम्मान सौंपकर उसे और भी ऊर्जावान बना देता है।”
वक्ता मंच की परंपरा—योग्यता का सम्मान
वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते ने बताया कि संस्था हर वर्ष प्रशासन, पुलिसिंग, साहित्य, शिक्षा, खेल, पत्रकारिता, रंगमंच, संगीत, विज्ञान, कला और राजनीति जैसे विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करती है।
दिव्यांग पैरा ओलंपिक खिलाड़ियों से हुई शुरुआत
सम्मान समारोह का शुभारंभ पैरा ओलंपिक खिलाड़ी तोरण यादव और प्रीति यादव को सम्मानित कर किया गया। पूरी सभा ने उनके अद्वितीय साहस पर तालियों की गूंज से स्वागत किया।
कारगिल योद्धा का स्टैंडिंग ओवेशन
कारगिल युद्ध में भारत का परचम फहराने वाले और वर्तमान में अधिवक्ता तथा साहित्यकार वीरेंद्र शर्मा को जब मंच पर सम्मानित किया गया, तो पूरा सभागार खड़ा होकर उनके शौर्य को सलाम करता दिखा। सदन “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा।
प्रदेश भर की विभूतियां हुईं सम्मानित
रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, धमतरी, गरियाबंद, राजनांदगांव सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 121 विभूतियों को मोमेंटो, सम्मान-पत्र एवं साफा पहनाकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित प्रमुख व्यक्तित्वों में अनिल पुसदकर, हितेंद्र तिवारी, डॉ. विष्णु श्रीवास्तव, त्रिलोक चंद बरडिया, शकुंतला तरार, डॉ. निरंजन हरितवाल, डॉ. एम. श्रीराम मूर्ति, डॉ. पुरुराज साहू, डॉ. प्रांजल मिश्रा, रोहित सोनी, विनोद गोयल, अनुराग दीक्षित, संजना हियाल, नंदिनी ढगे, निष्ठा शर्मा, शिखा गोस्वामी निहारिका, डॉ. लक्ष्मीकांत शर्मा, गोरेलाल बर्मन, डॉ. जयेश शर्मा, गोपाल प्रसाद सुल्तानिया, डॉ. निसरीन हुसैन, जसवंत क्लॉडियस, लक्ष्मीकांत पंडा सहित अनेक गणमान्य शामिल रहे।
आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम सम्पन्न
कार्यक्रम का समापन वक्ता मंच के संयोजक शुभम साहू द्वारा आभार ज्ञापन के साथ हुआ।








