संवाददाता तुकाराम कंसारी
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, नवापारा राजिम। धान खरीदी व्यवस्था में सामने आए करीब 7 करोड़ रुपये के धान घोटाले ने जिले की सियासत में भूचाल ला दिया है। आम आदमी पार्टी ने इस पूरे मामले को सरकारी संरक्षण में हुआ सुनियोजित भ्रष्टाचार बताते हुए सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों पर तीखा प्रहार किया है। पार्टी का आरोप है कि किसानों के खून-पसीने की कमाई को “चूहे और सूखत” जैसे बहानों के पीछे छिपाने की कोशिश की जा रही है।
हजारों क्विंटल धान गायब, यह लापरवाही नहीं—भ्रष्टाचार है
आम आदमी पार्टी के ग्रामीण जिला अध्यक्ष मोहन चक्रधारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संग्रहण केंद्रों से हजारों क्विंटल धान का गायब होना किसी भी स्थिति में साधारण प्रशासनिक चूक नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, “अगर धान वास्तव में खराब हुआ होता, तो फर्जी आवक-जावक क्यों दिखाई जाती? फर्जी बिल क्यों बनाए गए? और CCTV रिकॉर्डिंग से छेड़छाड़ क्यों की गई? यह सब बताता है कि घोटाले को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम देकर सबूत मिटाने की कोशिश हुई है।”
नियमों को ताक पर रखकर बचाए जा रहे जिम्मेदार अधिकारी
- यदि 2 प्रतिशत से अधिक धान की कमी पाई जाती है, तो तत्काल निलंबन और एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
- लेकिन सरकार ने पहले चुप्पी साधे रखी और अब “सूखत” व “चूहे” जैसे तर्क गढ़कर पूरे मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि दोषी अधिकारियों को बचाने के लिए बयान बदले जा रहे हैं और सच्चाई से ध्यान भटकाया जा रहा है।
जिला विपणन अधिकारी का बयान भ्रामक
आम आदमी पार्टी ने जिला विपणन अधिकारी के बयान को गैर-जिम्मेदाराना और भ्रामक करार दियाn।मोहन चक्रधारी ने कहा कि इस तरह के बयान प्रशासन की भूमिका को और संदिग्ध बनाते हैं तथा यह स्पष्ट संकेत देते हैं कि सच्चाई को दबाने का प्रयास हो रहा है।
एफआईआर, रिकवरी और किसानों को मुआवजा देने की मांग
आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि—
- धान घोटाले में लिप्त सभी व्यक्तियों पर एफआईआर दर्ज की जाए
- जिम्मेदार अधिकारियों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो
- घोटाले की राशि की पूरी रिकवरी की जाए
- किसानों को हुए नुकसान की तत्काल भरपाई की जाए
जन आंदोलन की चेतावनी
मोहन चक्रधारी ने चेतावनी दी कि यदि मामले में लीपापोती की गई, तो आम आदमी पार्टी सड़क से लेकर प्रशासनिक कार्यालयों तक जन आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा— “यह सिर्फ धान की चोरी नहीं है, यह किसानों के अधिकार और भरोसे की चोरी है। आम आदमी पार्टी इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।”








