स्थानीय स्तर पर लापरवाही उजागर, राष्ट्रध्वज संहिता के उल्लंघन पर उठे सवाल
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, कुरुद। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ग्राम नारी स्थित अटल चौक में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। हालांकि इस कार्यक्रम से जुड़ी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें राष्ट्रध्वज डंडी के बीच हिस्से पर उल्टा लटकता हुआ दिखाई दे रहा है।
संविधान में निर्धारित भारतीय ध्वज संहिता के अनुसार, राष्ट्रध्वज को सदैव सीधा और डंडी (पोल) के शीर्ष पर फहराया जाना चाहिए। जबकि राष्ट्रध्वज उल्टा लटकाना और डंडी के बीच या नीचे हिस्से में लगाया जाना राष्ट्रध्वज का अपमान माना जाता है। ऐसे में इस घटना ने स्थानीय स्तर पर लापरवाही और असावधानी की ओर गंभीर संकेत दिए हैं।
जानकारी के अनुसार यह घटना संभवतः स्थानीय लोगों की अशिक्षा, जागरूकता की कमी या चूक का परिणाम हो सकती है। बावजूद इसके, सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर ने चर्चा का विषय बना दिया है। क्षेत्रीय नागरिकों और बुद्धिजीवियों ने इसे राष्ट्रध्वज के प्रति असम्मानजनक व्यवहार करार देते हुए नाराज़गी जताई है।
आवश्यक पहल की मांग
गंभीर सवाल यह उठ रहा है कि क्या आयोजकों ने ध्वज फहराने से पहले ध्वज संहिता की जानकारी ली थी? यदि नहीं, तो यह जनजागरूकता की कमी और आयोजन की लापरवाही को उजागर करता है।
नागरिकों का कहना है कि प्रशासन और राजनीतिक दलों को चाहिए कि वे राष्ट्रध्वज से संबंधित नियम-कायदों की जानकारी सभी को दें, ताकि भविष्य में इस तरह की गलती दोबारा न हो।








