संवाददाता तुकाराम कंसारी
गांधी चौक स्थित जैन श्रीसंघ परिसर में श्रद्धा-भक्ति के साथ प्रारंभ हुआ पर्व, स्वाध्यायियों ने दिए प्रवचन
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, नवापारा राजिम। नगर के हृदय स्थल गांधी चौक स्थित श्वेताम्बर जैन श्रीसंघ द्वारा आत्मशुद्धि का परम पावन पर्व पर्याधिराज पर्युषण का शुभारंभ यगलबार से हुआ। जैन धर्म का यह सर्वोपरि पर्व आत्मावलोकन और आत्मशुद्धि का प्रतीक माना जाता है।
पहले दिन अष्टाहिका प्रवचन में स्वाध्यायी वीरेन्द्र धुथा (यवतमाल) ने कहा कि जैन धर्म के सभी पर्व आत्मशुद्धि के लिए समर्पित हैं। यह हमें अपने भीतर झांकने और अहिंसा, क्षमा व संयम के पथ पर अग्रसर होने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि पर्युषण पर्व में अमारी प्रवर्तन, साधर्मिक वात्सल्य, क्षमायाचना, अष्टमतप और चैत्य परिपाटी जैसे कर्तव्य श्रावक जीवन को सार्थक बनाते हैं।
गुरु भगवंतों के अभाव में इस वर्ष महाकोशल भूर्तिपूजक संघ की कृपा से स्वाध्यायी वीरेन्द्र मुथा (यवतमाल) एवं कुशल चोपड़ा (महासमुंद) को नगर श्रीसंघ की विशेष विनती पर भेजा गया है। इस अवसर पर संघ सचिव अभिषेक दुग्गड़ ने दोनों स्वाध्यायियों के प्रति आभार जताया।
दैनिक आयोजन की झलक
पर्युषण पर्व के दौरान प्रतिदिन प्रातः 5:30 बजे राय प्रतिमण, 6:45 बजे प्रभु का जन्माभिषेक स्नात्रपूजा, 8:45 बजे मंगल प्रवचन, दोपहर में स्वाध्याय, संध्या 6:30 बजे देवसी प्रतिक्रमण, 7:45 बजे गुरु इगतिसा जाप तथा 8:00 बजे आरती एवं प्रभुभक्ति होगी। बच्चों और युवाओं के लिए विविध ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होगा।
आज के एकासणा का लाभ सोनराज अजय कुमार नमन कोचर परिवार ने लिया। वहीं संघ प्रमुख शेखर बाफना ने सभी श्रद्धालुओं से इस आत्मशुद्धि के महापर्व में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की।
विशेष आकर्षण
पर्युषण पर्व के अंतर्गत जैन नवयुवक मंडल द्वारा मानतारा भवन में विविध तपस्याएं और धार्मिक आयोजन जारी हैं। इसी कड़ी में आज शाम अहम बहु मंडल के तत्वावधान में मंदिर प्रांगण में रोचक सांस्कृतिक-धार्मिक कार्यक्रम “कौन बनेगा जैनिज्म स्टार” प्रतियोगिता का आयोजन होगा।








