- छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की 140 किलोमीटर लंबी जन न्याय यात्रा: बढ़ते अपराध, अवैध खनन और शिक्षा संकट के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन
- मैनपुर से रायपुर राजभवन तक युवा कांग्रेस और NSUI की पदयात्रा, सरकार की निष्क्रियता पर जनता की आवाज बुलंद
संवाददाता तुकाराम कंसारी
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन गोबरा नवापारा। छत्तीसगढ़ में बढ़ते अपराध, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, और माफियाओं द्वारा अवैध खनन पर राज्य सरकार की कथित निष्क्रियता के खिलाफ कांग्रेस ने एक मजबूत कदम उठाया है। युवा कांग्रेस और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने गरियाबंद जिले के मैनपुर से रायपुर स्थित राजभवन तक 140 किलोमीटर की जन न्याय यात्रा शुरू की है। इस यात्रा का शुभारंभ 10 जुलाई को प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष दीपक बैज ने हरी झंडी दिखाकर किया।
आज यह यात्रा गोबरा नवापारा से आगे बढ़ी, जहां सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। यात्रा का मकसद राज्यपाल से मुलाकात कर प्रदेश में व्याप्त गंभीर समस्याओं, जैसे अपराध की बढ़ती घटनाएं, स्कूलों का बंद होना, और खनन माफियाओं की मनमानी, को उनके समक्ष रखना है। इस पदयात्रा का नेतृत्व युवा नेता चित्रांश ध्रुव कर रहे हैं, जिनके साथ गोबरा नवापारा नगर के कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष सौरभ शर्मा, जीत सिंह, राजा चावला, रामा यादव, राम रतन निषाद, हेमंत साहनी, राजा ठाकुर, टिकेश गिलहरे सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हैं।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। अपराध की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे आम जनता में भय का माहौल है। इसके अलावा, माफियाओं द्वारा अवैध खनन के कारण पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है, और सरकार इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही। शिक्षा के क्षेत्र में भी स्थिति गंभीर है। कई सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण और गरीब परिवारों के बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है।
युवा कांग्रेस और NSUI ने इस यात्रा के जरिए सरकार को इन मुद्दों पर घेरने की रणनीति बनाई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह यात्रा न केवल सरकार की नाकामियों को उजागर करेगी, बल्कि जनता के बीच जाकर उनके दुख-दर्द को समझने और उनकी आवाज को बुलंद करने का भी प्रयास करेगी।
गोबरा नवापारा में इस यात्रा को स्थानीय लोगों का भी समर्थन मिल रहा है। स्थानीय निवासियों ने कार्यकर्ताओं का स्वागत किया और उनके साथ कदम से कदम मिलाकर अपनी समस्याएं साझा कीं। यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने विभिन्न गांवों और कस्बों में रुककर जनसभाएं कीं, जहां उन्होंने सरकार की नीतियों की आलोचना की और जनता से एकजुट होने का आह्वान किया।
यात्रा में शामिल युवा कार्यकर्ता राजा चावला ने कहा, हमारी यह यात्रा सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनता के हक की लड़ाई है। सरकार को यह समझना होगा कि जनता अब उनकी निष्क्रियता को बर्दाश्त नहीं करेगी। वहीं, NSUI के एक कार्यकर्ता टिकेश गिलहरे ने शिक्षा संकट पर जोर देते हुए कहा, स्कूलों का बंद होना हमारे भविष्य पर हमला है। हम चाहते हैं कि सरकार इस दिशा में तत्काल कदम उठाए।
यह जन न्याय यात्रा रायपुर पहुंचने के बाद राजभवन में समाप्त होगी, जहां कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिलकर एक ज्ञापन सौंपेगा। इस ज्ञापन में प्रदेश की विभिन्न समस्याओं का जिक्र होगा, साथ ही सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की जाएगी।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह यात्रा केवल एक शुरुआत है। यदि सरकार ने इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया, तो भविष्य में और बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ा जाएगा।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की यह जन न्याय यात्रा न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह प्रदेश की जनता के बीच जागरूकता फैलाने और सरकार को जवाबदेह बनाने का एक सशक्त प्रयास भी है। जैसे-जैसे यह यात्रा रायपुर की ओर बढ़ रही है, इसका प्रभाव और समर्थन बढ़ता जा रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस यात्रा और इसके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर क्या प्रतिक्रिया देती है।








