संवाददाता तुकाराम कंसारी
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, गोबरा-नवापारा। स्थापना रजत जयंती वर्ष के अवसर पर श्री कुलेश्वर महादेव शासकीय महाविद्यालय, गोबरा-नवापारा में भूतपूर्व छात्र-छात्रा सम्मेलन (Alumni Meet) का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के विभिन्न सत्रों से अध्ययनरत रह चुके छात्र-छात्राएँ अपने पुराने परिसर में एकत्र होकर अतीत की सुनहरी यादों को साझा करने के साथ-साथ वर्तमान विद्यार्थियों को प्रेरणा प्रदान करने हेतु उपस्थित हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। प्राचार्य ने सभी भूतपूर्व छात्रों का स्वागत करते हुए कहा कि –
“पूर्व छात्र-छात्राएँ किसी भी संस्थान की धरोहर होती हैं। उनकी उपलब्धियाँ संस्था का गौरव बढ़ाती हैं और वर्तमान विद्यार्थियों को प्रेरणा देती हैं।”
इस सम्मेलन में अनेक पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए। भूतपूर्व छात्र तेजश्वर ने कहा –
“इस महाविद्यालय ने हमें न केवल शिक्षा दी बल्कि जीवन मूल्यों को भी सिखाया। यहाँ का वातावरण हमेशा हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा है।”
हिमानी साहू ने अपने विचार रखते हुए कहा –
“यहाँ के प्राध्यापकों का सहयोग और मार्गदर्शन मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है। आज भी मैं खुद को इस परिवार का हिस्सा मानती हूँ।”
सोनिया निषाद ने कहा –
“महाविद्यालय में बिताए गए पल अविस्मरणीय हैं। इस सम्मेलन ने हमें फिर से उन्हीं सुनहरे दिनों में लौटा दिया।”
मुख्य अतिथि एवं जनभागीदारी समिति अध्यक्ष श्री जीना निषाद ने अपने उद्बोधन में कहा –
“किसी भी संस्था से निकले छात्र जब उच्च पदों पर पहुँचते हैं, तो उनका सबसे बड़ा दायित्व होता है कि वे अपनी सरलता एवं सहजता बनाए रखें। यही गुण उन्हें समाज में सम्मान और आदर्श बनाते हैं। महाविद्यालय परिवार की यही अपेक्षा है कि यहाँ से निकले छात्र-छात्राएँ सदैव विनम्रता और मानवीय मूल्यों को सर्वोपरि रखें।”
कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक श्री टिकेश्वर सिंह मरकाम ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. प्रेमेन्द्र कुमार उपाध्याय ने करते हुए कहा –
“भूतपूर्व छात्र-छात्राओं का यह सम्मेलन न केवल हमें पुरानी यादों से जोड़ता है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। पूर्व छात्रों के अनुभव और सुझाव महाविद्यालय की प्रगति में निश्चित ही सहायक सिद्ध होंगे।”
इस अवसर पर जनभागीदारी समिति अध्यक्ष श्री जीना निषाद सहित महाविद्यालय के सभी सहायक प्राध्यापक, अतिथि व्याख्याता, कर्मचारी तथा भूतपूर्व व वर्तमान छात्र-छात्राएँ प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।
इस सम्मेलन ने पुराने और वर्तमान पीढ़ी के बीच आत्मीयता, सहयोग और प्रेरणा का सेतु बनाते हुए महाविद्यालय परिवार में नई ऊर्जा का संचार किया।








