@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, कुरूद। जनपद पंचायत कुरूद के ग्राम सिर्री में पिछले दो महीनों से अवैध मुरम खनन का कार्य खुलेआम जारी है, लेकिन संबंधित विभागों की चुप्पी अब कई सवाल खड़े कर रही है। गांव के अलग-अलग हिस्सों में कभी सरकारी जमीन तो कभी खेत बनाने के नाम पर ग्रामीणों की निजी भूमि को पांच फीट से भी अधिक गहराई तक खोदा जा रहा है और निकाली गई मुरम को बेधड़क बाहर भेजा जा रहा है। यह पूरा कार्य खनिज विभाग की अनुमति और ट्रांजिट पास के बिना संचालित किया जा रहा है, जो सीधे-सीधे कानून का उल्लंघन है।

अवैध खनन के कारण गांव की आंतरिक सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से सड़कें टूट रही हैं, धूल-धक्कड़ बढ़ रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। वहीं खेतों में की गई गहरी खुदाई से खेती योग्य भूमि नष्ट हो रही है, जिससे ग्रामीणों की आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है। पर्यावरणीय संतुलन भी बिगड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे मामले की जानकारी प्रशासन को होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे यह संदेह गहराता जा रहा है कि कहीं अवैध खनन करने वालों को अप्रत्यक्ष संरक्षण तो नहीं दिया जा रहा। गांव में बढ़ते आक्रोश के बीच लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर प्रशासन की चुप्पी कब टूटेगी और कानून का राज कब स्थापित होगा।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध मुरम खनन की तत्काल जांच कराई जाए, बिना अनुमति चल रहे खनन कार्य को तुरंत बंद कराया जाए और दोषियों के खिलाफ सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में पूरा गांव इसका गंभीर खामियाजा भुगतने को मजबूर होगा।








