@सतीश शर्मा
अंचल को स्वास्थ्य सेवाओं में मिली नई पहचान, अब रायपुर नहीं जाना पड़ता मरीजों को
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, नवापारा-राजिम। संजीवनी हॉस्पिटल की संचालक एवं डीएनबी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. श्वेता पांडे को छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने सम्मानित किया। यह सम्मान न केवल उनकी समर्पित सेवा का प्रतीक है, बल्कि पूरे अंचल के लिए गौरव की उपलब्धि है।
संजीवनी हॉस्पिटल ने पहली बार क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करते हुए आईसीयू, डायलिसिस, सीटी स्कैन और एडवांस्ड कार्डियक जांच की सेवाएं शुरू कीं। अब छोटी चोट या गंभीर सिर की चोट के लिए मरीजों को रायपुर जाने की आवश्यकता नहीं है—ऑपरेशन यहीं संभव है।
हार्ट पेशेंट्स को पहले मामूली ईसीजी गड़बड़ी पर रायपुर भेजा जाता था, जबकि अब इकोकार्डियोग्राफी की सुविधा से हजारों मरीजों की जान और लाखों रुपये की बचत हो रही है। इसी तरह सोनोग्राफी, जो पहले सप्ताह में सिर्फ एक दिन होती थी, अब रोज उपलब्ध है।
किडनी मरीजों के लिए इमरजेंसी में रात में भी डायलिसिस सुविधा मिल रही है। वहीं वेंटीलेटर युक्त आईसीयू शुरू होने से गंभीर मरीजों को बड़ी राहत मिली है। खास बात यह है कि जहां रायपुर में यह इलाज लगभग ₹4 लाख खर्च करता है, वहीं संजीवनी हॉस्पिटल में मात्र ₹40 हजार में ही उपलब्ध है।
इस पहल से न केवल राजिम-नवापारा, बल्कि रायपुर समेत आसपास के जिलों से भी मरीज अब संजीवनी हॉस्पिटल का रुख कर रहे हैं। ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के हजारों मरीजों को यहां से जीवनदान मिल रहा है।
डॉ. श्वेता पांडे को शुभकामनाएं देने वालों में डॉ. ए.के. शर्मा, डॉ. आयुष शर्मा, डॉ. बलजीत सिंह, डॉ. एम. कौर, डॉ. गोपाल केला, डॉ. प्रकाश गुप्ता, डॉ. दिलीप शाह, डॉ. प्रतीक शाह, डॉ. तेजेंद्र साहू, डॉ. वीरेंद्र हिरौंदिया, डॉ. अमन हूमने, डॉ. राजेंद्र गदिया, डॉ. रमेश कुमार सोनसायटी, डॉ. त्रिपाठी, डॉ. रुचि रूपरेला, डॉ. पुनीत गोस्वामी, डॉ. पवन, डॉ. के.आर. सिन्हा, डॉ. फूलजी साहू सहित अंचल के अनेक वरिष्ठ चिकित्सक व नागरिक शामिल हैं।
चिकित्सकों और नागरिकों का कहना है कि डॉ. श्वेता पांडे का यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे अंचल के लिए ऐतिहासिक पहचान है।








