संवाददाता तुकाराम कंसारी
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, नवापारा राजिम। राजिम क्षेत्र में नवापारा-राजिम रेल लाइन के उद्घाटन को लेकर नागरिकों में उत्साह है, लेकिन मंगलवार की तेज़ बारिश ने रेलवे निर्माण कार्यों और स्थानीय प्रशासन की पोल खोल दी। महज एक घंटे की बारिश में रेलवे स्टेशन का मुख्य मार्ग घुटनों तक पानी से भर गया और आसपास के करीब 200 घरों में नालियों का गंदा पानी घुस गया, जिससे नागरिकों की परेशानी बढ़ गई।

रेलवे स्टेशन के पीछे और गोबरा से लेकर बस स्टैंड, गाड़ापारा, आयुष्मान अस्पताल, हवेली मंदिर तक जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। घरों और गलियों में भरे पानी ने लोगों को अपने ही घरों में कैद कर दिया। नागरिकों ने बताया कि न तो रेलवे विभाग और न ही नगर पालिका ने जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की है। नालियों की गहराई कम और सफाई का अभाव हर बारिश में समस्या बढ़ा देता है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि रेलवे इंजीनियर और ठेकेदार के बीच लेन-देन के चलते काम अधूरा छोड़ दिया गया है। छोटू स्वामी तक सड़क तो बनी है, लेकिन बस स्टैंड तक सड़क और नाली का कोई अता-पता नहीं है। एक निवासी ने कहा –
“रेलवे स्टेशन तो बन गया, लेकिन मूलभूत सुविधाओं का कहीं नामोनिशान नहीं है। बारिश में घर छोड़ने की नौबत आ जाती है। यदि बस स्टैंड से नदी तक नाली बनती तो यह स्थिति नहीं आती।”
ठेकेदार ने कहा है कि वे बस अड्डे से प्लेटफार्म तक सड़क और नाली बनाने को तैयार हैं, लेकिन रेलवे इंजीनियर द्वारा सीमा तय नहीं की जा रही। संपर्क करने पर रेलवे इंजीनियर के.के. सिंह ने फोन नहीं उठाया।
यह भी उल्लेखनीय है कि 18 सितम्बर को मुख्यमंत्री द्वारा राजिम रेलवे लाइन का उद्घाटन प्रस्तावित है, परंतु उससे पहले एक बारिश ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और अधूरेपन की सच्चाई सामने ला दी है।
नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल स्थायी जल निकासी व्यवस्था बनाने, अधूरे कार्यों को पूर्ण करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।








