संवाददाता तुकाराम कंसारी
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, नवापारा राजिम। नगर के ऐतिहासिक राधा-कृष्ण मंदिर के शताब्दी वर्ष पर आस्था, संस्कृति और उत्साह का ऐसा संगम उमड़ा कि पूरा शहर भक्ति रस में सराबोर हो उठा। 3 नवंबर को नगर भोज से प्रारंभ हुए इस महोत्सव में 24 से 30 नवंबर तक विशाल विष्णु महायज्ञ आयोजित है, जिसमें प्रतिदिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है।
शनिवार दोपहर 12 बजे मंदिर परिसर से दिव्य कलश शोभायात्रा निकली। 5 वर्ष की नन्हीं कन्याओं से लेकर वृद्ध मातृशक्ति तक हर हाथ में कलश और हर दिल में श्रद्धा—शोभायात्रा नगर की संस्कृति का विराट दर्शन बनी। नेहरू घाट, सदर बाजार, सुभाष चौक, गंज रोड होते हुए यात्रा निकली तो पूरा मार्ग जय-जयकार से गूंज उठा। 7 घोड़ों से सुसज्जित धर्मध्वजा सबके आकर्षण का केंद्र रही।
पुष्पवर्षा, झांकियों और नृत्य प्रस्तुतियों का भव्य आयोजन
- वृंदावन से पधारी राधा किशोरीजी बग्गी में सवार होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देती रहीं
- राजनांदगांव की कलाकार टोली ने चलते-चलते रंगोलियां रचकर मार्ग को रंगीन किया
- महाकाल-अघोरी नृत्य, राउत नाचा
- उड़ीसा पदमपुर के 35 कलाकारों की धुन और
- बस्तर के 40 folk कलाकारों का पारंपरिक नृत्य-वादन
- यात्रा को भक्ति और संस्कृति की अनूठी छटा प्रदान कर रहे थे
- राधा-कृष्ण की झांकी और भजन मंडलियां शोभायात्रा की भव्यता में चार चाँद लगा रही थीं।
नगरपालिका ने यात्रा पूर्व सम्पूर्ण मार्ग की सफाई व धुलाई कराई, जबकि पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व भीड़ प्रबंधन में अपनी उपस्थिति मजबूत रखी।
जनप्रतिनिधियों ने जताई आस्था
सुभाष चौक में पूर्व विधायक धनेन्द्र साहू ने कहा— “भक्ति और सांस्कृतिक एकता ही हमारी परंपराओं की असली पहचान है।”
विधायक इंद्र कुमार साहू ने मंदिर परिसर में दर्शन कर सभी के मंगल की कामना की। राधा-कृष्ण मंदिर का शताब्दी महोत्सव निरंतर भव्यता के साथ आगे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में भी विविध धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभव कराते रहेंगे।








