संवाददाता तुकाराम कंसारी
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, नवापारा-राजिम। नवापारा की पावन धरा पर बस्ती क्रमांक 03, बढ़ईपारा में हिन्दू जागरण की दिशा को नई ऊर्जा और चेतना प्रदान करने हेतु हिन्दू सम्मेलन आयोजन समिति द्वारा विशाल हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु, धर्मप्रेमी एवं समाजजन उपस्थित रहे, जिन्होंने सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने तथा सनातन धर्म की रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिन्दू समाज को संगठित करना तथा सनातन धर्म के समक्ष उपस्थित चुनौतियों का सामना करने हेतु समाज को जागरूक और सशक्त बनाना रहा।
भजन-चालीसा से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम के प्रारंभ में दुर्गा शक्ति समिति नवापारा द्वारा सामूहिक भजन एवं हनुमान चालीसा पाठ किया गया। इसके पश्चात भारत माता के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। दीप प्रज्ज्वलन में मुख्य अतिथि श्रद्धेय संत देवकर साहेब जी (असंगदेव कबीर सोनपैरी संचालक), कार्यक्रम की अध्यक्ष डॉ. उमा गुप्ता (संरक्षिका, गायत्री परिवार), मुख्य वक्ता संजय दुबे (प्रांत संपर्क प्रमुख, छत्तीसगढ़), गोपाल यादव (सह प्रांत कार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ), संतोष मखीजा (अध्यक्ष, हिन्दू सम्मेलन समिति), नवल साहू, शिव तिवारी, योगेश यादव सहित अन्य अतिथियों ने सहभागिता की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में नन्ही बालिका भवानी कंसारी द्वारा प्रस्तुत “ऐ गिरी नंदिनी” गीत ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं काजल, वर्षा, लेखनी, निहारिका, तुषार साहू, राजेंद्र पाल द्वारा सरस्वती वंदना, स्वागत नृत्य, सुवा गीत, देशभक्ति नृत्य एवं गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं।
लगभग 50 समाजसेवियों का सम्मान
सम्मेलन के दौरान नगर के विभिन्न जाति समाजों के अध्यक्षों, वार्ड में कार्यरत स्वच्छता दीदियों, मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों सहित लगभग 50 समाजसेवियों को श्रीफल, साल एवं भारत माता का छायाचित्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
हिंदू समाज को एकजुट होने का आह्वान
मुख्य अतिथि संत देवकर साहेब जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने बार-बार भारत को लूटा, लेकिन श्रेष्ठ हिन्दू संस्कृति के कारण यह राष्ट्र सुरक्षित रहा। आज धर्मांतरण जैसी शक्तियाँ सक्रिय हैं, ऐसे में हिन्दू समाज को समरस और एकजुट होने की आवश्यकता है।
मुख्य वक्ता संजय दुबे ने कहा कि असंगठित हिन्दू समाज को संगठित करने के उद्देश्य से सौ वर्ष पूर्व डॉ. हेडगेवार जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। अनेक उपेक्षाओं, अपमानों और प्रतिबंधों के बावजूद संघ आज समाज में स्वीकार्यता के साथ राष्ट्र निर्माण में कार्य कर रहा है। संघ के शताब्दी वर्ष में समाज को साथ लेकर सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प लेना होगा, तभी भारत पुनः विश्वगुरु बनेगा।
पंच परिवर्तन पर दिया गया जोर
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. उमा गुप्ता ने समाज में व्यवस्था परिवर्तन के लिए पंच परिवर्तन पर बल देते हुए पर्यावरण संरक्षण को सभी की जिम्मेदारी बताया। उन्होंने जल और बिजली संरक्षण, सिंगल यूज़ प्लास्टिक के त्याग तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण का आह्वान किया। साथ ही सभी जाति एवं समुदायों को मिलकर सामाजिक समस्याओं के समाधान पर विचार करने की आवश्यकता बताई।
सफल आयोजन में इनका रहा योगदान
कार्यक्रम की प्रस्तावना संतोष मखीजा ने रखी। काव्यमय और प्रभावी संचालन लेखिका सरोज कंसारी ने किया तथा आभार प्रदर्शन रविशंकर साहू ने किया।
आयोजन को सफल बनाने में संतोष मखीजा, नवल साहू, शिव तिवारी, रविशंकर साहू, हेमंत साहू, दिलीप यादव, सोहेन्द्र साहू, बॉबी चावला, योगेश यादव, अमन पाटकर, श्लोक शर्मा, प्रमोद साहू, योगेश सोनकर, दीपेश सेन, धनमती साहू, साधना सौरज, पूजा कंसारी, रामबाई ध्रुव, उमा कंसारी सहित अनेक कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
सम्मेलन में नगर के जनप्रतिनिधि, पार्षद, विभिन्न समाजों के अध्यक्ष एवं संघ के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।








