@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, पटना।
बिहार विधानसभा चुनाव में NDA की ऐतिहासिक जीत के बाद राजधानी पटना में नई सरकार के शपथ ग्रहण को लेकर राजनीतिक गतिविधियां चरम पर हैं। गठबंधन दलों के बीच मंत्रालयों के बंटवारे पर लगभग सहमति बन चुकी है और अंतिम रूप देने की कवायद जारी है।
सूत्रों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी इस बार मंत्रिमंडल में बड़ा दांव खेलते हुए 15–16 मंत्री शामिल कर सकती है। वहीं जेडीयू से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ 14 चेहरे शपथ लेने की चर्चा है।
सबकी नज़रें लोजपा (रामविलास) पर भी टिकी हैं, जहां चिराग पासवान कोटे से तीन मंत्रियों की संभावित एंट्री को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल है। इसके अलावा हम और रालोसपा को एक-एक मंत्रालय मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
BJP ने बढ़ाई अंदरूनी हलचल
मंत्रिमंडल विस्तार से पहले ही भाजपा ने अपने स्तर पर तेज़ी बढ़ा दी है। पार्टी ने दिलीप जायसवाल और सम्राट चौधरी को अहम ज़िम्मेदारियाँ सौंप दी हैं। दोनों नेता हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर मंत्रालयों की संभावित संरचना पर विस्तृत चर्चा कर चुके हैं।
एनडीए शीर्ष नेतृत्व की कोशिश है कि सत्ता में साझेदारी को लेकर कोई असंतोष पैदा न हो और हर दल को उसके जनाधार के अनुरूप प्रतिनिधित्व मिले। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, गठबंधन में मजबूती बनाए रखने के लिए भविष्य में राज्यसभा सीटों पर भी भागीदारी दी जा सकती है।
शपथ ग्रहण की उलटी गिनती शुरू—गांधी मैदान सील
शपथ समारोह 19 या 20 नवंबर को होने की प्रबल संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए पटना प्रशासन ने गांधी मैदान को 17 से 20 नवंबर तक आम जनता के लिए बंद कर दिया है। आयोजन स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं और पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती भी शुरू हो चुकी है।
ऐसा माना जा रहा है कि 17 नवंबर से मंच और दर्शकदीर्घा की तैयारियाँ जोर पकड़ लेंगी।
NDA की प्रचंड जीत—महागठबंधन सिमट गया, BJP सबसे बड़ी पार्टी
बिहार चुनाव 2025 में NDA ने 202 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया है। भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है।
इसके विपरीत, महागठबंधन (RJD, कांग्रेस व वाम दल) 35 के आंकड़े को भी पार नहीं कर पाया।
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने भले ही 28 सीटों पर किस्मत आज़माई, लेकिन उसे एक भी सीट नहीं मिल सकी।
वहीं AIMIM ने 5 सीटें जीतकर सीमांचल में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।








