@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, रायपुर/राजिम। राजिम कुंभ कल्प 2026 का भव्य आगाज 01 फरवरी से होने जा रहा है इस ऐतिहासिक अवसर में छत्तीसगढ़ की पावन धरा एक बार फिर सनातन आस्था, संस्कृति और अध्यात्म के विराट उत्सव की साक्षी बनने जा रही है। महानदी, पैरी और सोंढुर नदियों के त्रिवेणी संगम पर स्थित धर्मनगरी राजिम में राजिम कुंभ कल्प 2026 का आयोजन श्रद्धा, साधना और सांस्कृतिक चेतना के अद्भुत संगम के रूप में देशभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। यह आयोजन केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय सनातन परंपरा, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक ऊर्जा का जीवंत प्रतीक बनेगा।

राजिम कुंभ कल्प 2026 का भव्य शुभारंभ 1 फरवरी को सायं 6.30 बजे महानदी की दिव्य आरती के साथ होगा। महानदी तट पर शंखनाद, वैदिक मंत्रोच्चार और दीपों की आलोकमय श्रृंखला के बीच संपन्न होने वाली यह आरती श्रद्धालुओं के मन-मस्तिष्क को आध्यात्मिक अनुभूति से भर देगी। यह दृश्य न केवल आस्था का केंद्र होगा, बल्कि सनातन संस्कृति की अखंड परंपरा का सशक्त प्रतीक भी बनेगा।

इस ऐतिहासिक आयोजन का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री रमेन डेका करेंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल करेंगे। इस अवसर पर रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, कुरूद विधायक श्री अजय चंद्राकर, राजिम विधायक श्री रोहित साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति आयोजन को विशेष महत्व प्रदान करेगी। जनप्रतिनिधियों की सहभागिता यह संदेश देती है कि राजिम कुंभ कल्प धार्मिक के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का भी व्यापक मंच है।

राजिम कुंभ कल्प 2026 में श्रद्धा के साथ-साथ सांस्कृतिक रसिकता का भी विशेष ध्यान रखा गया है। 1 फरवरी को उद्घाटन समारोह के पश्चात सायं 8 बजे नया मेला स्थल में मुंबई की प्रसिद्ध ‘लीला द स्पिरिचुअल रॉक बैंड’ अपनी भक्ति और अध्यात्म से ओतप्रोत प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेगी। आधुनिक संगीत और आध्यात्मिक भावनाओं का यह अनूठा संगम विशेष रूप से युवाओं को भी आकर्षित करेगा।
इसके अतिरिक्त, कुंभ कल्प के दौरान प्रतिदिन सायं 4 बजे से रात्रि 9 बजे तक राष्ट्रीय एवं आंचलिक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इनमें भारतीय लोकसंस्कृति, पारंपरिक नृत्य, संगीत और कला की समृद्ध झलक देखने को मिलेगी। छत्तीसगढ़ की लोकपरंपराओं के साथ देश के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक छवियां श्रद्धालुओं को एक अविस्मरणीय सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करेंगी।
राजिम कुंभ कल्प 2026 केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रहेगा। संत समागम, प्रवचन, धार्मिक संवाद और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से यह महापर्व समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करेगा। त्रिवेणी संगम की पावन भूमि पर आयोजित यह कुंभ कल्प सनातन संस्कृति की निरंतरता और भारतीय जीवन दर्शन की गहराई को प्रभावशाली रूप से रेखांकित करेगा।
समग्र रूप से, राजिम कुंभ कल्प 2026 छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय फलक पर और अधिक सुदृढ़ करने वाला ऐतिहासिक आयोजन सिद्ध होगा। महानदी आरती के साथ होने वाला इसका शंखनाद आस्था, संस्कृति और परंपरा की उस अखंड धारा को प्रवाहित करेगा, जो युगों से भारतीय समाज को जोड़ती आ रही है। यह कुंभ कल्प निश्चय ही श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय, दिव्य और आत्मिक अनुभव बनकर स्मृतियों में अंकित होगा।








