संवाददाता तुकाराम कंसारी
भजनों की गूंज और भक्तों की भीड़ से गूंजा गांधी चौक स्थित प्राचीन मंदिर
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, नवापारा-राजिम। नगर के गांधी चौक स्थित प्राचीन एवं भव्य राधाकृष्ण मंदिर, जिसे सेठ चतुर्भुज भागीरथलाल अग्रवाल परिवार ने नगर को समर्पित किया था, जन्माष्टमी पर्व पर भक्ति और उल्लास का केंद्र बना रहा। मंदिर को रंग-बिरंगी लाइटों, झालरों, आम पत्तों के तोरण, केला व सेवफल की सजावट से इस तरह सजाया गया कि श्रद्धालु निहारते ही रह गए। भगवान राधाकृष्ण की मनमोहक मूर्ति नई पोशाक, चांदी के मुकुट, मोतियों की माला और चांदी की बांसुरी से सुसज्जित होकर दिव्य आभा बिखेर रही थी।
रात्रि 9 बजे से सालासर सुंदरकाण्ड हनुमान चालीसा जनकल्याण समिति द्वारा संगीतमय भजन संध्या का आयोजन किया गया। गुलाब साहू, सुमित पंजवानी, ईशा देवांगन, नेमी साहू और राजू काबरा ने “थाली भरकर ल्याई रे खीचड़ो”, “मेरी गाड़ी मेरा बंगला”, “कान्हा तेरे बर्थडे पर धूम मचाएंगे”, “लड्डू बंटे नगरिया” जैसे लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को झूमने और नृत्य करने पर मजबूर कर दिया।
मंदिर प्रांगण में अपार भीड़ उमड़ी और पैर रखने तक की जगह नहीं बची। मंदिर ट्रस्टी गोपाल व गिरधारी अग्रवाल, समिति के संतोष अग्रवाल, दीपेश काबरा, गोविंद राजपाल, दीपक पोद्दार, ओम शर्मा, धरम साहू सहित सैकड़ों भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मंदिर सर्वराकार मोहनलाल अग्रवाल ने बताया कि जन्म समय पर भगवान को गंगाजल और पंचामृत से स्नान कराकर नरेश अग्रवाल द्वारा प्रदत्त नए वस्त्र पहनाए गए। जैसे ही मध्यरात्रि जन्म का समय आया, वातावरण अद्भुत हो उठा—लाइट चली गई, बादलों की गड़गड़ाहट और बारिश ने मानो भगवान के अवतरण का संकेत दिया।
भगवान श्रीकृष्ण को धनिया की पंजीरी, माखन-मिश्री और फलाहार का भोग अर्पित किया गया। मंदिर में भक्तों की जयकारों और भजनों की गूंज देर रात तक वातावरण को भक्तिमय करती रही।








