@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, धमतरी/कुरुद।
सभी बिल सरपंच, ग्राम पंचायत नारी के नाम से जारी…
फिर भी ग्रामीणों से जबरन टैक्स वसूली और राशन रोकने का फरमान..
ग्राम पंचायत नारी की वित्तीय कार्यप्रणाली पर अब गहरी शंका और तीखा विवाद खड़ा हो गया है। पंचायत द्वारा ग्रामीणों पर प्रकाश टैक्स और सफाई टैक्स के नाम पर अनिवार्य वसूली थोप दी गई है—यहाँ तक कि टैक्स न देने पर कई परिवारों का खाद्यान्न राशन रोकने की धमकी तक दी गई। लेकिन आरटीआई में खुलासा हुआ है कि वही पंचायत खुद लाखों रुपए के बिजली बिल की बड़ी बकायेदार है।
आरटीआई कार्यकर्ता मुकेश कुमार शर्मा द्वारा मांगी गई जानकारी ने पूरा मामला उजागर कर दिया। दस्तावेजों के मुताबिक ग्राम पंचायत नारी के कुल 9 स्थानों में बिजली बिल का बकाया ₹15,43,660 है—और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सभी बिजली बिल सरपंच, ग्राम पंचायत नारी के नाम से जारी किए गए हैं।
जिन स्थानों पर बिजली बिल बकाया—
- 1. नल-जल योजना – ₹3,39,660
- 2. नल-जल योजना (प्राइमरी स्कूल पानी टंकी) – ₹18,950
- 3. नल-जल योजना (आईटीआई के पीछे पानी टंकी) – ₹15,580
- 4. ग्राम पंचायत भवन – ₹1,34,490
- 5. ग्राम पंचायत नारी – ₹300
- 6. नारी गौठान – ₹600
- 7. ग्राम नारी – ₹2,58,030
- 8. हाईस्कूल नारी – ₹7,58,850
- 9. गली स्ट्रीट लाइट – ₹17,200
- कुल बिजली बिल बकाया — ₹15,43,660
- अक्षरी पंद्रह लाख तिरालिस हजार छः सौ साठ रुपए है।
और सभी बिल सरपंच के नाम!
ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि प्रशासनिक दोहरे मापदंड और जिम्मेदारी से भागने का साफ प्रमाण है।
यानी—
“पंचायत का बिजली बिल बकाया रहे तो कोई बात नहीं,
लेकिन ग्रामीणों ने टैक्स न दिया तो राशन तक रोक दो!”
गांव में इस खुलासे के बाद गुस्सा तेज हो गया है। ग्रामीणों ने इसे वसूली की आड़ में मनमानी बताते हुए तात्कालिक जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है।








