संवाददाता तुकाराम कंसारी
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, राजिम। शहर और ग्रामीण अंचल में शारदीय नवरात्र महापर्व की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। कहीं पर आकर्षक पंडालों की साज-सज्जा हो रही है, तो कहीं मूर्तिकार दिन-रात एक कर माता की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
22 सितंबर से होगा शुभारंभ
शारदीय नवरात्र पर्व इस बार 22 सितंबर से प्रारंभ होकर 1 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। यह पर्व मां दुर्गा की शक्ति व साधना का प्रतीक है। नौ दिनों तक मां के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी।
- 22 सितंबर को घटस्थापना का शुभ समय प्रातः 6:09 से 8:06 बजे तक है।
- अभिजीत मुहूर्त में घट स्थापना 11:49 से 12:38 बजे तक की जा सकेगी।
- इस बार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा है, जिसे शुभ संकेत माना जा रहा है।
- दो दिन रहेगी मां चंद्रघंटा की पूजा
- इस बार तृतीया तिथि दो दिनों तक रहेगी।
- 22 सितंबर: मां शैलपुत्री
- 23 सितंबर: मां ब्रह्मचारिणी
- 24 व 25 सितंबर: मां चंद्रघंटा
- 26 सितंबर: मां कुष्मांडा
- 27 सितंबर: मां स्कंदमाता
- 28 सितंबर: मां कात्यायनी
- 29 सितंबर: मां कालरात्रि
- 30 सितंबर: मां महागौरी
- 1 अक्टूबर: मां सिद्धिदात्री
- 2 अक्टूबर विजयादशमी, दशहरा पर्व
मूर्तिकारों ने दिन-रात एक किया
शहर में मेला ग्राउंड व गोवर्धन चौक समेत कई स्थानों पर मूर्तियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मूर्तिकारों ने बताया कि प्रदेश भर से बड़े ऑर्डर मिले हैं, जिन्हें समय पर पूरा करने के लिए वे रात-दिन काम कर रहे हैं।
पंडालों में धार्मिक-सांस्कृतिक माहौल
शहर के पंडित सुंदरलाल शर्मा चौक, आमापारा, श्रीराम चौक, गोवर्धन चौक, महामाया चौक, राजीवलोचन मंदिर परिसर समेत कई प्रमुख चौक-चौराहों पर भव्य पंडाल तैयार हो रहे हैं। वहीं आसपास के गांवों—चौबेबांधा, बरोंडा, परसदा, श्यामनगर, तर्रा, बेलटुकरी, देवरी, जेंजरा आदि में भी नवरात्र को लेकर भारी उत्साह है।
आयोजकों ने बताया कि प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, झांकी और जगराता का आयोजन होगा। श्रद्धालु माता की भक्ति में रमे रहेंगे और पूरा वातावरण भक्तिमय बन जाएगा।








